नई दिल्ली, 10 मार्च । दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामलाल कॉलेज में मंगलवार को कॉलेज के अंतर-महाविद्यालयीय सांस्कृतिक उत्सव ‘उमंग 8.0’ का सफल आयोजन किया गया। इसका विषय “ब्लॉसम एंड विज़ुअल नैरेशन ऑफ ट्रैडिशन: विकसित भारत 2047” था।
गार्डन समिति और इको-क्लब की ओर से आईक्यूएसी तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम पिछले आठ वर्षों से पूर्वी दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर ने किया। आईक्यूएसी निदेशक प्रो. कुशा तिवारी, कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुनीना जुत्शी तथा सह-संयोजक डॉ. पूजा गुप्ता सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
नारायण कर ने इस बात पर जोर दिया कि एक प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव अनिवार्य है।
इस मौके पर दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से आए छात्रों ने रंगोली, फोटोग्राफी और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में कलात्मक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक समझ और बौद्धिक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
इसके अलावा पारंपरिक संस्कृति की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। विभिन्न सामाजिक उद्यमों और रचनात्मक पहलों ने भी सहभागिता की। इनमें मिलेट उत्पाद (मोमोज़िया) हर्बल परफ्यूम (फ्रेंज़े), हस्तनिर्मित आभूषण (क्ले एवं मनीरा) आयुर्वेदिक उत्पाद (सुखी जीवन दवाखाना) महिलाओं द्वारा निर्मित जैविक गुलाल (सुमंगलम) बच्चों द्वारा तैयार बेकरी उत्पाद (मिनी डेज़र्ट्स) तथा ऊनी हस्तशिल्प (कला नॉट क्रिएशन) शामिल थे।
इनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को उद्यमिता और सतत विकास की दृष्टि से और समृद्ध बनाया। विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
