बलरामपुर, 12 मार्च । छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने राजस्व और वन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई में करीब 3.67 एकड़ में फैली अफीम (43 क्विंटल से अधिक) की खेती को नष्ट कर दिया। मामले में 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने गुरुवार को बताया कि 10 मार्च को कुसमी थाना प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में कुछ लोग अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए बाद टीम ने मौके पर पहुंची, जहां अफीम के पौधे पाए गए और वहां कुछ लोग खेती की रखवाली करते मिले। पूछताछ में उनकी पहचान रूपदेव राम भगत (50) निवासी त्रिपुरी सरनाटोली, कौशिल भगत (30) निवासी त्रिपुरी माचाडीपा, मनोज कुमार (24) निवासी सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया, बिहार, जिरमल मुण्डा (56) निवासी भगचंद थाना आस्ता जिला जशपुर, उपेन्द्र कुमार (27 ) निवासी सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया, बिहार, विन्देश्वर (45) निवासी कोलवा थाना जोरी जिला चतरा झारखंड तथा कृष्णा सिंह निवासी कुराग थाना आस्ता जिला जशपुर के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार खेत में लगे अफीम के पौधों को उखाड़कर जब्त किया गया। साथ ही खेत में रखे दो डब्बों में आधा-आधा भरा अफीम का लासा तथा चार बड़ी और एक छोटी बोरी में भरे सूखे फल भी बरामद किए गए। सभी जब्त सामग्री का विधिवत तौल कराया गया, जो कुल 4344.569 किलोग्राम पाया गया। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर सातों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि जांच में पाया गया कि करीब 1.488 हेक्टेयर (3.67 एकड़) भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी। राजस्व अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि डिजिटल फसल सर्वेक्षण (डीसीएस सर्वे) में पड़ती के रूप में दर्ज है, जहां सामान्यतः खेती नहीं होती है, इसलिए रबी की गिरदावरी भी नहीं की गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत जब्ती की कार्रवाई की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें जांच में लगाई गई हैं। साथ ही जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित पूरे जिले में पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन जांच और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अफीम या किसी अन्य मादक पदार्थ की खेती की जानकारी मिले तो तत्काल जिला प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
