बलरामपुर, 18 मार्च। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित योजनाएं अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम धनगांव की उर्मिला साना ने मुर्गी, बकरी और गाय पालन के जरिए न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान भी बनाई है।
कभी सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी से जूझ रही उर्मिला का परिवार खेती और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। कम आय के कारण घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाता था। ऐसे में उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत खुशी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की शुरुआत की।
समूह से जुड़ने के बाद उर्मिला ने नियमित बचत के साथ ऋण लेकर आजीविका गतिविधियों का विस्तार किया। करीब 1.50 लाख रुपये के ऋण से उन्होंने मुर्गी, बकरी, बतख और गाय पालन शुरू किया। उनकी मेहनत और बेहतर प्रबंधन के चलते आज उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 4.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
उर्मिला साना का कहना है कि पहले जहां परिवार का गुजारा करना मुश्किल था, वहीं अब वे आत्मनिर्भर बनकर न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
