UPI payment gateway with green tick. New Delhi, India- 17th June, 2023.
11 अप्रैल। भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) ने आज अपने संचालन के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस दशक में, यूपीआई एक पायलट कार्यक्रम से विकसित होकर भारतीय भुगतान प्रणाली की रीढ़ बन गया है, जिसने देश को नकदी आधारित अर्थव्यवस्था से वास्तविक समय की डिजिटल भुगतान प्रणाली की ओर अग्रसर किया है। आकाशवाणी संवाददाता की रिपोर्ट है कि 2016 में, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीए) ने यूपीआई की शुरुआत की, एक ऐसी प्रणाली जिसने भारत में धन के लेन-देन को मौलिक रूप से सरल बना दिया।
2021 में 216 बैंकों से बढ़कर जनवरी 2026 तक 691 बैंकों तक पहुँचने वाला यह नेटवर्क एक एकीकृत भुगतान अवसंरचना के रूप में विकसित हो गया है, जिससे उपयोगकर्ता अपने बैंक या प्लेटफॉर्म की परवाह किए बिना आसानी से लेनदेन कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने बताया कि वैश्विक रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली लेनदेन मात्रा में यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 49 प्रतिशत है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक जैसे संस्थानों ने भी यूपीआई के व्यापक विस्तार, दक्षता और समावेशिता को स्वीकार किया है।
यह राष्ट्रीय सीमाओं से परे फैल चुका है और अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित कई देशों में भुगतान प्रणालियों के साथ जुड़ा हुआ है या कार्यरत है। यूपीआई सिर्फ एक भुगतान प्रणाली नहीं है, बल्कि एक ऐसा जन मंच है जिसने वित्तीय लेनदेन को तेज, सरल, पारदर्शी और समावेशी बनाया है।
