दिल्ली/बॉम्बे। आज के समय में लोग मानते हैं कि अगर कोई छात्र बड़े और नामी संस्थान से पढ़ाई करता है, तो उसकी जिंदगी पूरी तरह सेट हो जाती है. लेकिन हकीकत हमेशा ऐसी नहीं होती. हाल ही में IIT बॉम्बे से पढ़ी एक छात्रा ने अपनी जिंदगी की सच्चाई बताकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. इस छात्रा का नाम पारुल है, जिसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में उसने बताया कि IIT बॉम्बे जैसी बड़ी डिग्री हासिल करने के बाद भी उसकी जिंदगी आसान नहीं है, बल्कि वह खुद को काफी उलझा हुआ महसूस करती है. पारुल ने कहा कि लोग उससे बहुत ज्यादा उम्मीदें रखते हैं. उन्हें लगता है कि IIT से पढ़ने के बाद वह हर समस्या का हल निकाल सकती है. लेकिन असल में वह खुद अपनी जिंदगी को समझने और संभालने की कोशिश कर रही है.
पारुल ने यह भी बताया कि उसके कई दोस्त उससे आगे निकल चुके हैं. कोई अपना स्टार्टअप शुरू कर चुका है, तो कोई आगे की पढ़ाई जैसे MBA कर रहा है. ऐसे में उसे लगता है कि वह पीछे रह गई है और दूसरों की तरह तेजी से आगे नहीं बढ़ पा रही है. पारुल ने साफ कहा कि वह इस लाइफ रेस में दौड़ भी नहीं पा रही है. वह खुद को थका हुआ और परेशान महसूस करती हैं. कभी-कभी तो उसे लगता है कि इस दौड़ में आगे बढ़ने की बजाय वह बस आराम करना चाहती है. उसने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि लोगों को लगता है कि IIT की डिग्री मिलने के बाद जिंदगी बहुत आसान हो जाती है.लेकिन सच्चाई यह है कि जिंदगी को संभालना हर किसी के लिए मुश्किल होता है, चाहे वह किसी भी कॉलेज से पढ़ा हो.
पारुल के इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. बहुत से लोगों ने कहा कि उन्होंने जो कहा, वह बिल्कुल सच है. एक यूजर ने लिखा कि आज की सबसे सच्ची बात यही है कि सिर्फ डिग्री से जिंदगी नहीं बदलती. दूसरे ने कहा कि हर इंसान अपने-अपने तरीके से संघर्ष कर रहा है, चाहे वह IIT से पढ़ा हो या नहीं. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बड़े कॉलेज से पढ़ने के बाद दबाव और भी बढ़ जाता है, क्योंकि लोगों की उम्मीदें बहुत ज्यादा हो जाती हैं.
वहीं कई यूजर्स ने सोशल मीडिया की तुलना करने वाली आदत पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर ऐसा लगता है कि हर कोई जिंदगी में आगे बढ़ रहा है, लेकिन असल में हर कोई अपनी-अपनी समस्याओं से जूझ रहा होता है. पारुल की यह बात भी लोगों को पसंद आई कि उसने अपने दिल की बात खुलकर कही. कई लोगों ने कहा कि हम भी ऐसा ही महसूस करते हैं, लेकिन कभी कह नहीं पाते. यह कहानी हमें एक जरूरी बात सिखाती है कि जिंदगी सिर्फ डिग्री या बड़े कॉलेज से तय नहीं होती. हर इंसान को अपनी राह खुद बनानी पड़ती है और हर किसी का संघर्ष अलग होता है.
