तेहरान/नई दिल्ली । ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की “उकसाने वाली कार्रवाइयां” और युद्धविराम उल्लंघन दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को जारी रखने में बड़ी बाधाएं हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की “उकसाने वाली कार्रवाइयां” और युद्धविराम उल्लंघन दोनों देशों के बीच शांति वार्ता को जारी रखने में बड़ी बाधाएं हैं।
अपने पाकिस्तानी और रूसी समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन वार्ताओं के दौरान अराघची ने ईरानी वाणिज्यिक जहाजरानी के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा की, जिसमें कंटेनर पोत टौस्का और उसके चालक दल की कथित जब्ती भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने वॉशिंगटन की “विरोधाभासी नीतियों और धमकी भरी बयानबाज़ी” का भी हवाला दिया।
8 अप्रैल को 40 दिनों की लड़ाई के बाद लागू हुआ युद्धविराम अभी भी नाज़ुक बना हुआ है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने तेहरान और वॉशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं में मध्यस्थता की है और 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की मेजबानी की लेकिन ईरान ने अगले दौर में भागीदारी की पुष्टि नहीं की है।
