उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कैंसर के खिलाफ लड़ाई में मानसिक शक्ति के महत्व पर जोर दिया और इस बीमारी पर विजय पाने के लिए उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से कैंसर से बचाव के लिए नशीले पदार्थों और तंबाकू से दूर रहने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने कैंसर की रोकथाम के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कीमोथेरेपी एक चुनौतीपूर्ण उपचार बनी हुई है, लेकिन टैबलेट आधारित उपचारों की शुरुआत जैसी हालिया चिकित्सा प्रगति एक उत्साहजनक कदम है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए प्रतिवर्ष कैंसर रोगियों की बढ़ती संख्या का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत अब व्यापक कैंसर उपचार उपलब्ध है। इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने तपेदिक उन्मूलन अभियान की सफलता के समान एक समर्पित “कैंसर मुक्त राजस्थान” अभियान की आवश्यकता पर बल दिया।
