टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जो खाने का स्वाद दोगुना बढ़ा देती है. पास्ता सॉस के खट्टे स्वाद से लेकर सलाद की ताजगी तक, टमाटर भारत की रसोई में रोज इस्तेमाल किए जाने वाली सब्जी है. इसमें मौजूद लाइकोपीन, विटामिन और कई एंटीऑक्सीडेंट कई तरह के फायदे पहुंचाने में मददगार हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कई लोगों के लिए टमाटर पेट की जलन और एसिडिटी का बड़ा कारण भी बन सकता है. अगर आपने कभी टमाटर का सूप या ग्रेवी खाने के बाद छाती जलती हुई महसूस की है. अगर हां, तो स्टोरी में बने रहिए.
टमाटर एसिडिटी क्यों बढ़ाते हैं?
टमाटर में नेचुरल रूप से दो तरह के एसिड पाए जाते हैं,
मैलिक एसिड
साइट्रिक एसिड
ये दोनों एसिड पेट में एसिड का लेवल बढ़ा देते हैं. ऐसे में जिन लोगों का पेट सेंसिटिव होता है, उनके लिए यह और ज्यादा परेशानी पैदा करता है. ज्यादा एसिडिक चीजें खाने से पेट और भोजन-नली के बीच का छोटा सा वाल्व ढीला पड़ सकता है. जब यह वाल्व ढीला हो जाता है, तो पेट का एसिड ऊपर की तरफ आने लगता है, जिससे सीने में जलन हो सकती है.
कच्चे और पके हुए टमाटरों में फर्क
कई लोगों को ऐसा लगता है कि कच्चे टमाटर खाने से एसिडिटी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है पके हुए या प्रोसेस्ड टमाटर एसिडिटी का कारण बन सकते हैं और ऐसा इसलिए प्रोसेस्ड टमाटरों में एसिड लेवल और बढ़ जाता है. वहीं, अगर पिज्जा, पास्ता जैसी डिश में टमाटर के साथ प्याज, लहसुन और ज्यादा तेल भी होता है, जो एसिडिटी को और बढ़ा सकता है.
टमाटर खाकर भी जलन से बचने के आसान तरीके
टमाटर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें. करी या चटनी में थोड़ा कम डालने से असर कम होता है.
एसिड का ज़्यादातर हिस्सा बीज और छिलके में होता है. खाना बनाते समय बीज निकाल दें, इससे जलन बहुत कम होती है.
टमाटर के साथ खीरा, हरी पत्तेदार सब्जियां, उबली सब्जियां और दही का सेवन पेट को शांत करने में मदद कार सकता है.
सोने से 2 से 3 घंटे पहले टमाटर या कोई भी खट्टा खाना खाने से बचें, इससे रात में जलन नहीं होगी.
