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काठमांडू, 07 मई । इंटरपोल ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री एवं नेपाली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा और उनकी पत्नी तथा पूर्व विदेश मंत्री डॉ. आरजू राणा देउवा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इंटरपोल ने अतिरिक्त कागजातों का विवरण एनसीबी (नेशनल सेंट्रल ब्यूरो) काठमांडू से मांगा है। एनसीबी के प्रमुख सिद्धि विक्रम शाह ने कहा, “रेड नोटिस की प्रक्रिया अभी जारी है। इंटरपोल ने आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेज़ मांगे हैं।”
पिछले माह 7 अप्रैल को देउवा दंपति के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। संपत्ति शुद्धीकरण अनुसन्धान विभाग के पत्र के आधार पर काठमांडू जिला अदालत ने उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होने के बाद उन्हें नेपाल वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। देउवा दंपति के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए एनसीबी काठमांडू ने औपचारिक रूप से इंटरपोल को पत्र भेजा था।
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के समय देउवा दंपति विदेश में थे। चुनाव से पहले 26 फरवरी को वे उपचार के लिए सिंगापुर गए थे। वहां से 21 मार्च को उनके हांगकांग जाने की जानकारी सामने आई थी। इससे पहले भी जेनजी आंदोलन के बाद इलाज के लिए देउवा दंपति सिंगापुर गए थे, लेकिन उस समय उपचार के बाद वे नेपाल लौट आए थे। 26 फरवरी को देश छोड़ने के बाद वे अब तक नेपाल नहीं लौटे हैं। वे फिलहाल हांगकांग में हैं।
यदि रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो जाता है, तो इंटरपोल के 196 सदस्य देशों की पुलिस देउवा दंपति को गिरफ्तार कर सकती है। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें नेपाल लाया जा सकता है। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद शेरबहादुर देउवा ने कहा था कि वह “खुली किताब” की तरह हैं। उन्होंने संपत्ति संबंधी आरोपों को भ्रामक और झूठा बताते हुए कहा था कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी संपत्ति का विवरण सरकारी निकायों में प्रस्तुत किया था।
उपचार के लिए विदेश में होने की बात स्वीकार करते हुए भी उन्होंने यह खुलासा नहीं किया था कि वे किस देश में रह रहे हैं। शेरबहादुर देउवा के रिश्तेदार प्रदीप शमशेर जबरा, भूषण राणा और जयवीर देउवा सहित अन्य लोगों के कारोबारी लेनदेन की भी जांच की जा रही है। इससे पहले आरजू राणा देउवा का नाम नकली भूटानी शरणार्थी प्रकरण में भी जोड़ा गया था।
देउवा परिवार ने बुढानीलकण्ठ में एक ही परिसर के भीतर दो मकान बनाए थे। जेनजी आंदोलन के दौरान वे उसी घर में रह रहे थे। उस समय देउवा दंपति पर हमला भी हुआ था और घर में आगजनी की घटना भी हुई थी। गत वर्ष 8-9 सितंबर को हुए जेनजी आंदोलन के दौरान बुढानीलकण्ठ स्थित देउवा निवास से जले हुए नोट बरामद किए गए थे। वहां मिले नोटों का वीडियो भी सार्वजनिक हुआ था।
