दिल्ली में हाल के सालों में अप्रैल का महीना सबसे ज़्यादा बारिश वाला रहा. लेकिन इस ज्यादा बारिश से यमुना को साफ करने में ज्यादा मदद नहीं मिली है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ओर से जारी नए डेटा से पता चलता है कि राजधानी से होकर बहने वाली नदी का एक बड़ा हिस्सा अब भी बहुत ज्यादा प्रदूषित है.
7 अप्रैल, 2026 को लिए गए सैंपल पर आधारित “यमुना नदी की जल गुणवत्ता की स्थिति” पर ताजा रिपोर्ट, मार्च और अप्रैल में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के बावजूद नदी की एक गंभीर तस्वीर दिखाती है. हालांकि कुछ हिस्सों में अप्रैल 2025 की तुलना में थोड़ा सुधार दिखा, लेकिन यमुना के ज्यादातर निचले हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अब भी तय सीमा से कहीं ज्यादा है.
मौसम विभाग (IMD) के डेटा के अनुसार, दिल्ली में अप्रैल के मध्य तक 28.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी थी, जो सामान्य से लगभग 147% ज्यादा है और 2010 के बाद से अप्रैल में हुई सबसे ज्यादा बारिश है.
यमुना की हालत में यह अंतर नदी के दिल्ली में घुसते ही लगभग तुरंत दिखने लगता है. पल्ला जहां से यमुना दिल्ली में आती है, वहां पानी की गुणवत्ता तुलनात्मक रूप से बेहतर रही. यह एकमात्र ऐसा हिस्सा भी था जहां ऑक्सीजन (DO) का स्तर जलीय जीवन को बनाए रखने के लिए जरूरी तय मानकों को पूरा करता था.
