18 मई । वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज बढ़त दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा संयुक्त अरब अमीरात के एक परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं से तेल बाजार में उछाल देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.37 प्रतिशत यानी 2.60 डॉलर बढ़कर 111.86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड में 3.11 प्रतिशत यानी 3.28 डॉलर की बढ़त दर्ज हुई और इसकी कीमत 108.70 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
घरेलू वायदा बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India पर जून अनुबंध वाला कच्चा तेल लगभग 300 रुपये बढ़कर 9,978 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले सप्ताह भी कच्चे तेल की कीमतों में सात प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। इसकी मुख्य वजह शांति समझौते की उम्मीदों का कमजोर पड़ना और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ता तनाव रहा।
तेल बाजार में तेजी उस समय और बढ़ गई जब संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में ड्रोन हमलों की नई घटनाएं सामने आईं।
रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने बराकाह परमाणु संयंत्र पर हुए हमले की जांच शुरू कर दी है और इसे “आतंकी हमला” बताते हुए जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
इस बीच एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई सूचकांक करीब एक प्रतिशत गिरा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग एक प्रतिशत मजबूत हुआ।
