जगदलपुर, 19 मई। छत्तीसगढ़ में इस बार मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 7 से 10 जून के बीच मानसून बस्तर पहुंचने की संभावना बन रही है। मई के अंतिम सप्ताह से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई तक केरल पहुंच सकता है। यदि मानसून की रफ्तार सामान्य से बेहतर रही तो इसका असर छत्तीसगढ़ में भी जल्दी देखने को मिल सकता है।
आमतौर पर प्रदेश में मानसून 15 जून तक पहुंचता है, लेकिन इस बार अनुकूल परिस्थितियों के चलते इसके पहले आने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज आंधी, बिजली गिरने और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। साथ ही किसानों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसकी वजह से वातावरण में नमी बढ़ रही है। इसका असर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई के अंतिम सप्ताह से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है। मानसून के जल्दी आने की संभावना किसानों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। समय पर बारिश होने से खरीफ फसलों की तैयारी जल्दी शुरू हो सकेगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जून के पहले पखवाड़े में अच्छी बारिश होती है तो खेती-किसानी को बड़ा फायदा मिल सकता है।
