नई दिल्ली, 22 मई । दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित एमसीडी ने वार्ड स्तर पर विकास कार्यों को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पार्षद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि की पहली किस्त जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 को बजट पेश करते समय पार्षद निधि को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की जो घोषणा की गई थी, उसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है।
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि पहले पार्षदों को स्थानीय विकास कार्यों के लिए 1.55 करोड़ रुपये की निधि मिलती थी लेकिन भाजपा प्रशासन ने यह महसूस किया कि तेजी से बढ़ती जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है। इसी कारण आगामी वित्तीय वर्ष से निधि बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव लाया गया, ताकि वार्डों में विकास कार्य धन की कमी के कारण प्रभावित न हों।
उन्होंने कहा कि एमसीडी आयुक्त ने आज 50 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। यह राशि चार चरणों में जारी की जाएगी ताकि कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अब पार्षद अपने क्षेत्रों में बिना किसी वित्तीय बाधा के सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य तेजी से करा सकेंगे।
सत्या शर्मा ने कहा कि निगम प्रशासन का मुख्य फोकस मानसून से पहले बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसी उद्देश्य से जारी आदेश में सिविल कार्यों के लिए 40 लाख रुपये, इलेक्ट्रिकल कार्यों के लिए पांच लाख रुपये और हॉर्टिकल्चर कार्यों के लिए पांच लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग सड़कों की मरम्मत, गड्ढों को भरने, मैनहोल कवर बदलने, नालों की सफाई, स्लैब लगाने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने और पार्कों के रखरखाव जैसे कार्यों में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव, टूटी सड़कें और गंदगी जैसी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती हैं। ऐसे में पार्षदों को समय रहते पर्याप्त फंड उपलब्ध कराना बेहद जरूरी था। भाजपा प्रशासन ने इसी सोच के साथ यह फैसला लिया है ताकि हर वार्ड में समय पर विकास और मरम्मत कार्य हो सकें।
सत्या शर्मा ने कहा कि एमसीडी का उद्देश्य केवल कागजी घोषणाएं करना नहीं बल्कि लोगों को जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पार्षद जनता के सबसे नजदीकी जनप्रतिनिधि होते हैं और उन्हें मजबूत किए बिना स्थानीय विकास संभव नहीं है। यही कारण है कि निगम प्रशासन ने पार्षदों को अधिक वित्तीय अधिकार और संसाधन देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में दिल्ली के सभी वार्डों में विकास कार्यों की रफ्तार साफ दिखाई देगी। भाजपा प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और तेज विकास के मॉडल पर काम कर रहा है तथा जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
