03 जून ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने ओडिशा में रामेश्वर से परादीप तक नए तटीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत दो पैकेजों में विकसित की जाएगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 160.18 किलोमीटर और अनुमानित लागत 8,300.79 करोड़ रुपये है।
यह राजमार्ग ओडिशा के खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से होकर गुजरेगा। परियोजना का उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में तेज, सुरक्षित और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
परियोजना के पहले पैकेज में रामेश्वर से कोणार्क तक 79.40 किलोमीटर लंबा चार लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड राजमार्ग बनाया जाएगा, जबकि दूसरे पैकेज में कोणार्क से परादीप तक 80.78 किलोमीटर लंबी दो लेन सड़क का निर्माण पक्के कंधों (पेव्ड शोल्डर) के साथ किया जाएगा। दोनों खंडों पर वाहनों की डिजाइन गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
सरकार के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद रामेश्वर और परादीप के बीच यात्रा समय में लगभग ढाई घंटे की कमी आएगी। साथ ही ईंधन की खपत, कार्बन उत्सर्जन और वाहन संचालन लागत में भी उल्लेखनीय कमी होगी।
यह परियोजना प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित की जाएगी और 9 आर्थिक केंद्रों तथा 5 लॉजिस्टिक केंद्रों को जोड़ेगी। इससे देश के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक (एलपीआई) में भी सुधार होने की उम्मीद है।
राजमार्ग से भुवनेश्वर और खुर्दा के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), भुवनेश्वर का मेगा फूड पार्क, परादीप, कोणार्क, जगतसिंहपुर, पुरी और केंद्रपाड़ा के मत्स्य क्लस्टर तथा कटक के फार्मा क्लस्टर को बेहतर संपर्क मिलेगा।
परियोजना के तहत पुरी रेलवे स्टेशन, प्रस्तावित पुरी हवाई अड्डा, अस्तारंगा पोर्ट, पारादीप पोर्ट और जगतसिंहपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को भी जोड़ा जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से लगभग 53.61 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष और 67.01 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
