संगीत सुनना हर किसी को पसंद होता है और इसके कई फायदे भी हैं। वर्तमान में संगीत चिकित्सा के माध्यम से रोगियों को वैकल्पिक उपचार उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।
कई लोग सोने से पहले सॉफ्ट म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं। कुछ लोगों की यह आदत बन जाती है, जिसके बाद ही वे अच्छी नींद ले पाते हैं। जानिए सोते समय गाने सुनने की आदत कितनी सुरक्षित है।कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि ईयरफोन लगाकर म्यूजिक सुनना शरीर के लिए हानिकारक होता है। यह घातक नहीं हो सकता है, लेकिन यह कान और हमारे नींद चक्र को परेशान करता है। दरअसल, हमारे शरीर में एक आंतरिक घड़ी होती है जिसे सर्कैडियन रिदम कहा जाता है। सर्कैडियन रिदम 24 घंटे की बॉडी क्लॉक की तरह है जो हमारे सोने और जागने के समय पर नज़र रखती है जब पर्यावरण और रोशनी बदलती है। एक अच्छा सर्कैडियन रिदम हमारे दिमाग को पूरे दिन सतर्क रहने में मदद करता है, जिसके कारण हम पूरे दिन अच्छे से काम कर पाते हैं। लेकिन, जब हम शरीर को इस लय के बजाय किसी और ध्वनि पर निर्भर कर देते हैं, तो यह हमारे लिए हानिकारक होता है।
सोते समय संगीत सुनना सही नहीं
दरअसल, जब हम गाना सुनते हैं तो हमारा मोबाइल फोन भी हमारे आसपास होता है। कई बार हम गाने बदल देते हैं जिससे हमारा शरीर एक्टिव मोड में रहता है और उसे आराम नहीं मिल पाता है। ऐसे में जब शरीर के कुछ अंग आराम कर रहे होते हैं और शरीर के कुछ अंग सक्रिय होते हैं, तो इससे नींद ठीक से पूरी नहीं हो पाती है और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। अगर आप सोते समय तेज आवाज में म्यूजिक बजाकर सोते हैं तो इससे शरीर पर और भी हानिकारक प्रभाव पड़ सकते हैं। सोते समय ईयरफोन लगाकर सोने से कान की त्वचा पर दबाव पड़ता है, जिससे त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
फिर संगीत सुनना बंद कर दें
अगर गाना सुनने के बाद आपको अच्छी नींद आती है तो ईयरफोन की जगह नॉर्मल तरीके से गाना सुनें। अपने फोन को बिस्तर से दूर रखें और गानों का वॉल्यूम हल्का रखें ताकि आपके शरीर के सोने के प्राकृतिक तरीके पर कोई असर न पड़े। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि गानों की बजाय आपको ऐसी आदत और जीवनशैली चुननी चाहिए, जिससे रात में अपने आप ही आपको गहरी नींद आ जाए।
