नई दिल्ली, देश में गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श मुहैया कराने के मकसद से शुरू टेली मानस योजना के तहत पिछले सवा तीन महीने में 43,861 कॉल्स प्राप्त हुई हैं। मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने राज्य सभा में बताया कि ‘राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ की शुरुआत पिछले साल 10 अक्टूबर की गई थी। इस कार्यक्रम पर केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए 120.98 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
डॉ. भारती पवार ने बताया कि टेली-मानस सेवाएं 130 मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों, 173 जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम कर्मियों और 580 टेली-मानस परामर्शदाताओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली 20 भाषाओं में उपलब्ध हैं। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कोंकणी, मराठी, गुजराती, असमिया, बंगाली, उड़िया, पंजाबी, कश्मीरी, बोडो, डोगरी, उर्दू, मणिपुरी, मिजो और राजस्थानी शामिल हैं।
सरकार ने साल 2016 में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निम्हंस), बेंगलुरु के माध्यम से भारत का राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण आयोजित किया, जिसमें कहा गया है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों में मानसिक विकारों का प्रसार लगभग 10.6 प्रतिशत है।
