जगदलपुर, 09 जून । खरीफ फसल सीजन 2026-27 के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने तथा उनकी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए कृषि विभाग ने जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष कृषि आदान सामग्रियों के भंडारण, वितरण और बिक्री की सतत निगरानी करेगा। साथ ही खाद-बीज की कालाबाजारी और अनियमितताओं में लिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपसंचालक कृषि से मिली जानकारी के अनुसार जिले में खाद एवं बीज विक्रय करने वाले निजी प्रतिष्ठानों का नियमित रूप से लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित फर्म के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। जिले की सभी सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को बेचे जाने वाले उर्वरक की कृषकवार जानकारी रजिस्टर में अनिवार्य रूप से संधारित करें।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की टीम सहित उर्वरक निरीक्षकों द्वारा जिले के बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण कर अब तक जिले के 31 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और 21 विक्रय केंद्रों में उर्वरक की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त दो केंद्रों के उर्वरक प्राधिकार पत्र को निलंबित करने के साथ ही एक केंद्र के प्राधिकार पत्र को स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है, जबकि एक अन्य बिक्री केंद्र के पूरे स्टॉक को जब्त कर कार्यवाही हेतु प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
इस पूरी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कृषि विभाग ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि यदि उन्हें बीज, खाद या कीटनाशक दवाओं की खरीदी या गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलती है, तो वे सीधे जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष में सहायक संचालक कृषि लखनधर दीवान से उनके मोबाइल नंबर 7000258043 पर या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बलराम प्रसाद से 9425262714 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही कृषि विकास अधिकारी विक्रम भदौरिया के नंबर 9755588208, केके झा के नंबर 9424283895 और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श रोहित द्विवेदी के नंबर 9407642792 पर भी सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है ताकि किसानों की समस्याओं का तुरंत निराकरण किया जा सके
