18 जून । मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। निवेशक इस बात का आकलन कर रहे हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने भले ही फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है, लेकिन इस साल आगे दरों में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 59 अंक यानी 0.08 प्रतिशत गिरकर 77,095.99 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 8.75 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24,076.95 पर रहा।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा। निफ्टी आईटी में 1.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी एफएमसीजी में 0.31 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा निफ्टी मेटल 0.25 प्रतिशत और निफ्टी केमिकल्स 0.21 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे।
निफ्टी के शेयरों में इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, विप्रो, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व प्रमुख गिरावट वाले शेयर रहे।
इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है, लेकिन संकेत दिए हैं कि महंगाई अभी भी उसके 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, इसलिए आगे दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। भारतीय बाजार पर फेड की ब्याज दर नीति का बहुत ज्यादा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.64 प्रतिशत गिरकर 78.24 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 2 प्रतिशत गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग करीब 2 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा।
वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर रहा, जबकि इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब 1 प्रतिशत तक कमजोर रहे।
अमेरिकी बाजार की बात करें तो बुधवार रात वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 1.21 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
