बलों में शामिल हुआ। शुक्रवार सुबह कमीशनिंग समारोह और पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक (डीजीएएफएमएस) की निदेशक जनरल (डीजी) और सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं।
सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “इस स्तर की परेड कभी भी संयोग से नहीं होती। यह आपकी समर्पित प्रैक्टिस, टीमवर्क और उस अनुशासन को दिखाती है जिसे आपने विकसित किया और बनाए रखा है। आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज हमेशा से भारत के बेहतरीन मेडिकल संस्थानों में से एक होने के अलावा और भी बहुत कुछ रहा है।”
सर्जन सब-लेफ्टिनेंट रेश्मा गोयल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “मेडिकल की पढ़ाई के लिए किसी स्टूडेंट को इससे बेहतर माहौल नहीं मिल सकता। ट्रेनिंग टीम, टीचर और ट्यूटर जितनी मेहनत करते हैं, उसकी कोई मिसाल नहीं है। ‘नारी शक्ति’ की बात करें तो यह संस्थान इसे बढ़ावा देता है और इस पर गर्व करता है। यहां सभी को समान मौके मिलते हैं।” रेश्मा गोयल के पिता कर्नल जगमोहन गोयल ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत गर्व और भावुक कर देने वाला पल है। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि देश की बेटियां आगे बढ़ें और देश की सेवा करें, इससे अच्छा हमारे लिए और क्या हो सकता है।”
इस अवसर पर, फ्लाइंग ऑफिसर अनन्या फड़के ने कहा, “मुझे बहुत खुशी हो रही है कि माता-पिता और मेरे सभी शुभचिंतकों के सामने मैं और मेरे सभी बैचमेट्स कमीशन हो गए हैं। मुझे बहुत खुशी है कि महिलाओं का योगदान बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि इससे सशस्त्र बलों को समर्थन मिलेगा और यह बलों की प्रगति के लिए अच्छा होगा।” अनन्या फड़के ने कहा, “मैंने पिछले चार साल में लगातार पढ़ाई की। मुझे उन अधिकारियों का सहयोग मिला है, जो हमें पढ़ा रहे थे। मुझे उनसे टिप्स मिले और उन्होंने मेरा मार्गदर्शन भी किया।”
