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श्रम और रोजगार मंत्रालय के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय के केंद्रीय मुख्य श्रम आयुक्त ने नई दिल्ली स्थित श्रममेव जयते भवन में श्रमिक संघों के प्रतिनिधियों के लिए समाधान पोर्टल 2.0 पर एक व्यापक जागरूकता सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रमिक संगठनों को पोर्टल की नई सुविधाओं से अवगत कराना और डिजिटल माध्यम से श्रम शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना था।
डिजिटल श्रम शासन पर दिया गया जोर
कार्यक्रम की शुरुआत उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) पी.एस. कर्मासे के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) एस.के. साहू ने आधुनिक श्रम प्रशासन में डिजिटल तकनीक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और शिकायतों के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने श्रमिकों के हितों की रक्षा में श्रमिक संघों की भूमिका को भी रेखांकित किया।
समाधान पोर्टल 2.0 की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी
क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कुमार अमृतेश ने तकनीकी सत्र का संचालन करते हुए समाधान पोर्टल 2.0 की प्रमुख सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से औद्योगिक विवाद ऑनलाइन दर्ज किए जा सकते हैं, नई श्रम संहिताओं के तहत विभिन्न दावे प्रस्तुत किए जा सकते हैं तथा आवेदन की वास्तविक समय में निगरानी की सुविधा उपलब्ध है।
30 से अधिक श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
जागरूकता सत्र में विभिन्न श्रमिक संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के 30 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें इंटक, एटक, हिंद मजदूर सभा, भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस), सीटू और एआईसीसीटीटू सहित कई प्रमुख संगठन शामिल रहे। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की और अपने सुझाव भी साझा किए।
पोर्टल की पारदर्शिता और सरलता की सराहना
प्रतिभागियों ने समाधान पोर्टल 2.0 के उपयोगकर्ता अनुकूल इंटरफेस और पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की इस पहल को श्रम शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
