केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आयकर विभाग (Income Tax Department) से कहा कि वह ईमानदार करदाताओं की सुविधा और सम्मान का विशेष ध्यान रखे। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि कर कानूनों के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल संवेदनशीलता और विनम्रता के साथ किया जाना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि करदाता केवल टैक्स जमा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि देश के विकास में भागीदार नागरिक भी है।
इंडियन टैक्स डे’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने आयकर विभाग की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि विभाग को करदाताओं के साथ सहयोगी रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार करदाता अनजाने में छोटी-मोटी गलतियां कर देते हैं, ऐसे मामलों में उन्हें अपनी गलती सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए। निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर प्रशासन का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह करना नहीं होना चाहिए, बल्कि करदाताओं के बीच विश्वास का माहौल बनाना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि टैक्स व्यवस्था तभी मजबूत होगी, जब आम लोग इसे निष्पक्ष और भरोसेमंद मानेंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स कानून सरकार को कई अधिकार प्रदान करते हैं, लेकिन इन अधिकारों का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का व्यवहार करदाताओं के अनुभव को प्रभावित करता है और इसलिए हर स्तर पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और सम्मान बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, “टैक्सपेयर सिर्फ टैक्स देने वाला व्यक्ति नहीं होता; वह एक नागरिक और भारत के विकास में भागीदार भी होता है।” वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि करदाताओं का योगदान देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
