ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम ने महिला 58 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश को एक और सफलता दिलाई। बिंद्यारानी ने कुल 199 किग्रा वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया और इसके साथ ही भारत के पदकों की संख्या छह हो गई।
कुल 199 किग्रा वजन उठाकर जीता कांस्य
बिंद्यारानी देवी ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वजन उठाते हुए कुल 199 किग्रा का स्कोर बनाया। नाइजीरिया की रफियातू फोलाशादे लावाल ने कुल 229 किग्रा (103 किग्रा स्नैच और 126 किग्रा क्लीन एंड जर्क) के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कनाडा की एन सोफी ताशेरो ने 215 किग्रा (94 किग्रा स्नैच और 121 किग्रा क्लीन एंड जर्क) के साथ रजत पदक अपने नाम किया।
स्नैच राउंड में दिखाया दम
एसईसी आर्माडिलो में आयोजित मुकाबले में बिंद्यारानी ने स्नैच राउंड में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले प्रयास में 83 किग्रा, दूसरे में 85 किग्रा और तीसरे प्रयास में 87 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया। वह 87 किग्रा के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं, लेकिन प्रयासों के क्रम (काउंटबैक) के आधार पर इंग्लैंड की एलिजा प्रैट उनसे आगे रहीं। इस राउंड में नाइजीरिया की रफियातू फोलाशादे लावाल ने 103 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ और गेम्स रिकॉर्ड बनाया, जबकि कनाडा की एन सोफी ताशेरो 94 किग्रा के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
क्लीन एंड जर्क में शानदार वापसी
क्लीन एंड जर्क राउंड में बिंद्यारानी का पहला प्रयास 110 किग्रा पर असफल रहा। हालांकि उन्होंने दबाव में शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में 112 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 116 किग्रा का प्रयास किया, लेकिन उसे पूरा नहीं कर सकीं। इसके बावजूद उनका कुल स्कोर उन्हें कांस्य पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा।
भारत के पदकों की संख्या हुई छह
बिंद्यारानी देवी के कांस्य पदक के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना छठा पदक हासिल कर लिया। इससे पहले पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला था। इसके बाद ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) ने रजत, मीराबाई चानू (48 किग्रा) ने स्वर्ण, मुथुपांडी राजा (65 किग्रा) ने रजत और ज्ञानेश्वरी यादव (53 किग्रा) ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में पदक डाले। बिंद्यारानी की इस उपलब्धि ने भारतीय वेटलिफ्टिंग दल के शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाया है और प्रतियोगिता में भारत की पदक संभावनाओं को और मजबूत किया है।
