September 3, 2026

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रायगढ़, 03 सितंबर । जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से 400 आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य सुरक्षा और निर्धारित मानकों से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान भोजन की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने, भोजन तैयार करने और परोसने में बरती जाने वाली सावधानियों सहित पौष्टिक खान-पान से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई।

जिले में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम रायगढ़ ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट रायगढ़, तमनार और घरघोड़ा में आयोजित किए गए। प्रशिक्षण का आयोजन दो पालियों में किया गया, जिसमें कुल 400 आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक पहलुओं पर आंगनबाड़ी सहायिकाओं को जानकारी दी।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सहायिकाओं को भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा से संबंधित मानकों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी सहायिकाओं को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव और स्वच्छता से जुड़े आवश्यक व्यवहार की जानकारी देना रहा। उन्हें भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भोजन परोसने तक बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान साफ-सफाई को खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए आंगनबाड़ी सहायिकाओं को आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया। खाद्य पदार्थों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के तरीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही भोजन तैयार करते समय स्वच्छता बनाए रखने तथा तैयार भोजन को सुरक्षित तरीके से परोसने से जुड़े विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

आंगनबाड़ी सहायिकाओं को पौष्टिक खान-पान के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन की स्वच्छता के साथ उसकी पौष्टिकता पर भी ध्यान देना आवश्यक है। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का सीधा संबंध छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं से रहता है, इसलिए उनके माध्यम से सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन से संबंधित जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाने को महत्वपूर्ण बताया गया।