नई दिल्ली, 22 अप्रैल । नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बुधवार को ‘पृथ्वी दिवस’ पर नेहरू पार्क में परिषद द्वारा आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ सहभागिता की।
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि अर्थ दिवस को खास बनाने के लिए एनडीएमसी ने आज एक बड़ा पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें कई देशों के दूतावासों और उच्चायोगों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें पोलैंड के काउंसलर जैकब फ्लासिंस्की, श्रीलंका की राजदूत महिशिनी कोलोन, मलेशिया के हाई कमिश्नर एच.ई. दातो मुजफर शाह मुस्ताफ, पुर्तगाल के राजदूत जोआओ मैनुअल मेंडेस रिबेरो डी अल्मेडा, सेशेल्स की हाई कमिश्नर एच.ई. हारिसोआ लालटियाना एकौचे, फिलीपींस की डिप्टी हेड ऑफ मिशन मारिया सिंथिया पी. पेलियो और गुयाना की काउंसलर रोनाल्ड एडवर्ड्स होराटियो शामिल रहे।
चहल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के उस विचार को आगे बढ़ाती है, जिसमें लोगों की भागीदारी से पर्यावरण को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारी भावनाओं से भी जुड़ा है, जिसमें अपनी मां के नाम एक पेड़ लगाकर प्रकृति की देखभाल का संदेश देते हैं।
उन्होंने बताया कि एनडीएमसी ने दिल्ली में मौजूद विभिन्न दूतावासों और उच्चायोगों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया है ताकि पर्यावरण संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग बढ़ सके। इससे भारत की पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और नेतृत्व भी सामने आता है।
चहल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विदेशी प्रतिनिधि, आम लोग और प्रशासन एक साथ आते हैं और “एक पेड़ मां के नाम” का संदेश मजबूत होता है। इससे शहर को और ज्यादा हरा-भरा और स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है और हर रविवार के साथ-साथ अन्य दिनों में भी वृक्षारोपण किया जा रहा है, ताकि इसका प्रभाव बना रहे और यह एक जन आंदोलन का रूप ले सके।
कुलजीत सिंह चहल ने विश्वास जताया कि लोगों की लगातार भागीदारी से एनडीएमसी आगे भी शहर को साफ, हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए अपने प्रयास और मजबूत करेगा।
चहल ने कहा कि आगे भी ऐसे कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे, ताकि पर्यावरण का संरक्षण प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और पर्यावरण की रक्षा में अपना योगदान दें, जिससे आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
सभी विदेशी प्रतिनिधियों ने परिषद् की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, बल्कि देशों के बीच आपसी समझ और अच्छे संबंधों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने एनडीएमसी के इस प्रयास की तारीफ की कि उसने अलग-अलग देशों के लोगों को एक अच्छे मकसद के लिए एक साथ जोड़ा, जिससे लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ता है और एक हरित व बेहतर भविष्य के लिए सबकी साझा जिम्मेदारी मजबूत होती है।
इस कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ-साथ एनडीएमसी स्कूलों के शिक्षकों, बागवानी विभाग के निदेशक व सलाहकार तथा बागवानी, स्वास्थ्य, सिविल और बिजली विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और सभी ने मिलकर पृथ्वी दिवस पर इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में योगदान दिया।
