October 1, 2026

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) के साथ ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III (GEC-III) योजना को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत देश के इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (InSTS) को मजबूत किया जाएगा, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 135 गीगावॉट तक नवीकरणीय ऊर्जा के ग्रिड इंटीग्रेशन और ट्रांसमिशन को गति मिलेगी।

50 GWh बैटरी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना

GEC-III के तहत 50 GWh क्षमता के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इनका उपयोग ग्रिड में फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा की रुक-रुककर होने वाली आपूर्ति से निपटने, ग्रिड कंजेशन कम करने और पीक आवर के दौरान बिजली की मांग पूरी करने में किया जाएगा। सौर ऊर्जा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी बीईएसएस बिजली की आपूर्ति को संतुलित करने में मदद करेगा।

2032-33 तक पूरा करने का लक्ष्य

योजना को वित्तीय वर्ष 2032-33 तक स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी कुल परियोजना लागत 1,86,405 करोड़ रुपए है। इसमें GEC-III के तहत इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास के लिए 1,36,378 करोड़ रुपए और 50 GWh बीईएसएस के लिए 50,000 करोड़ रुपए शामिल हैं।

54,082 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता

योजना में कुल 54,082 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) का प्रावधान है। सरकार के अनुसार, यह सहायता इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन चार्ज को कम करने में मदद करेगी, जिससे बिजली की लागत को नियंत्रण में रखने में सहायता मिलेगी और इसका लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेगा।

ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में प्रतिस्पर्धी बोली

InSTS के तहत आने वाली सभी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। वहीं, ब्राउनफील्ड अपग्रेडेशन और नेटवर्क को मजबूत करने से जुड़े कार्य कॉस्ट-प्लस बेसिस (CPB) पर किए जाएंगे। स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटीज समग्र कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम करेंगी।

BOOM मॉडल पर काम करेंगे ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर

ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर (TSP) टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत बिल्ड-ओन-ऑपरेट-मेनटेन (BOOM) मॉडल पर परियोजनाओं में भाग लेंगे। इससे राज्यों के भीतर नवीकरणीय ऊर्जा के ग्रिड इंटीग्रेशन और पावर इवैक्यूएशन के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

900 GW गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य में मदद

GEC-III योजना वर्ष 2035 तक 900 GW स्थापित गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देगी। मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ने से नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड में एकीकरण को समर्थन मिलेगा। यह देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में भी योगदान देगा।

ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर

योजना के कार्यान्वयन से ऊर्जा, विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बीईएसएस के निर्माण और उपयोग से घरेलू ऊर्जा भंडारण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, संबंधित राज्यों में संचालन, रखरखाव और ग्रिड प्रबंधन के क्षेत्र में दीर्घकालिक कुशल रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।