रायपुर (वीएनएस)। जीतो रायपुर चैप्टर की बैठक में समितियों का गठन करते हुए सन् 2022-24 के लिए नयी...
छत्तीसगढ़
कांकेर (वीएनएस)। जिला एथलेटिक संघ कांकेर के द्वारा नरहरदेव ग्राउंड में डिस्ट्रिक्ट नेशनल जूनियर एथलेटिक्स मीट पटना हेतु...
रायपुर (वीएनएस) ।मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कलेक्टर पी.एस. ध्रुव ने रविवार 27 नवम्बर को जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर...
महासमुंद : पशुचारा के लिए किसानों ने 93 हजार क्विंटल से अधिक का किया पैरादान जिले में...
रायपुर (वीएनएस)। राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नवीन पदस्थापना का आदेश जारी कर दिया...
हाराडुला (वीएनएस)। भानुप्रतापपुर उपचुनाव को लेकर सभी प्रत्याशी व उनकी पार्टियां चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक रही...
रायपुर (वीएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 27 नवंबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास में संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ी...
रायपुर (वीएनएस)। छत्तीसगढ़ के केबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर रविवार को मध्यप्रदेश के इंदौर में राहुल...
रायपुर- किसी के प्रतिभा को जब भी सराहा गया है, वह दिन उसके लिए सबसे अहम और खुशी का दिन बन जाता है।उस व्यक्ति का नाम, पहचान और प्रतिभा लोगों के जेहन में बस जाती है। और जब उसको प्रोत्साहित किया जाता है तो वह नाम इतिहास में दर्ज हो जाता है।ऐसा ही कुछ होने जा रहा है छत्तीसगढ़ के इतिहास में। ये खुशी का पल आया है प्रदेश की लोक गायिका तीजन बाई और ममता चंद्राकर के लिए।ममता चंद्राकर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि उनकी और उनके माता पिता की तपस्या पूरी हुई है।उनका सपना साकार हुआ है, जिसके लिए वे बेहत खुश है। इस पुरस्कार का मिलना उनके लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है।बता दें ममता चंद्राकर के गीत ‘अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार, इंद्रावती ह पखारय तोरे पइयां, जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मइया’ ने बहुत लोकप्रियता हासिल की है। इस गीत को छत्तीसगढ़ के राज्यगीत का दर्जा दिया गया है। दरअसल, राष्ट्रीय संगीत, नृत्य और नाटक अकादमी (संगीत नाटक अकादमी) नई दिल्ली की सामान्य परिषद ने पुरस्कारों की घोषणा कर दी है।देशभर से मिले प्रवृष्टियों में से अलग-अलग श्रेणियों में श्रेष्ठ कलाकारों और संगीत साधकों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।इनमें छत्तीसगढ़ से लोक संगीत की दो गायिकाओं को शामिल किया गया है।इनमें से पंडवानी की विश्वविख्यात लोक गायिका तीजन बाई को राष्ट्रीय संगीत अकादमी ने संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप के लिए चुना है, वहीं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए ममता चंद्राकर को वर्ष 2019 के लिए नामित किया गया है। बता दें यह पुरस्कार विशेष समारोह में देश के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया ।अकादमी फेलो के सम्मान में तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि व अकादमी पुरस्कार में एक ताम्रपत्र एवं एक लाख रुपये की नकद राशि दी गई ।ममता चंद्राकर वर्तमान में खैरागढ़ संगीत कला विश्वविद्यालय की कुलपति हैं व वर्तमान में रायपुर में निवासरत है।उन्हें 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं तीजन बाई वर्तमान में भिलाई स्थित गनियारी में निवासरत है।तीजनबाई को पद्मविभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। फेलोशिप के लिए देशभर से 10 कलाकारों के नाम शामिल किए गए हैं।डा. तीजन बाई को हाल ही में श्री सत्य साईं शक्ति वुमन आफ एक्सीलेंस अवार्ड-2022 से सम्मानित किया जा चुका है।
रायपुर /बीजापुर, 26 नवंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के मिरतुर थानाक्षेत्र के पोमरा के जंगल में...
