नई दिल्ली, 07 जून । कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज सुबह विमान से बेंगलुरु रवाना हो गए।...
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नई दिल्ली, 07 जून । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) संसदीय दल की...
हर सुहागिन महिला अपने सुहाग की रक्षा के लिए ईश्वर से कामना करती है। पति की लंबी...
अमृतसर, 06 जून । पंजाब में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ की बरसी पर श्री हरमंदिर साहिब जी (स्वर्ण...
नई दिल्ली, 06 जून । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार रात राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी...
नई दिल्ली, 06 जून । अठारहवीं लोकसभा चुनाव के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने जा...
नई दिल्ली, 5 जून । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की...
5 जून, हमारे ग्रह और उसके प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना और कार्रवाई को प्रोत्साहित करता है विश्व पर्यावरण दिवस| पर्यावरण शब्द संस्कृत भाषा के ‘परि’ उपसर्ग (चारों ओर) और ‘आवरण’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है ऐसी चीजों का समुच्चय जो किसी व्यक्ति या जीवधारी को चारों ओर से आवृत्त किये हुए हैं। यह शब्द फ्रांसीसी शब्द एनवायरनर से लिया गया है, जिसका अर्थ है घेरना। पर्यावरण को उस परिवेश या परिस्थितियों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें पौधे, जानवर और मनुष्य जैसे जीवित जीव रहते हैं। पर्यावरण की एक सरल परिभाषा में कहा जा सकता है कि मानव जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों को शामिल करने वाली एक प्रणाली है। जैविक या जीवित घटकों में सभी वनस्पति और जीव शामिल हैं, और अजैविक घटकों में पानी, सूरज की रोशनी, हवा, जलवायु आदि शामिल हैं। विश्व पर्यावरण दिवस हमें पर्यावरण के महत्व की पुनः याद दिलाता है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी वैश्विक प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण क्षण है यह दिन लोगों, समुदायों और दुनिया भर के देशों के लिए कार्रवाई का आह्वान और आशा की किरण है, क्योंकि जलवायु कार्रवाई की प्रतिदिन और अधिक जरूरी होती जा रही है प्रदूषण और जैव विविधता के नुकसान जैसी बाधाओं का सामना करने के बावजूद, रचनात्मक बदलाव लाने की दृढ़ इच्छाशक्ति है यह दिन एक महत्वपूर्ण संचार मंच के रूप में कार्य करता है और जलवायु परिवर्तन से लेकर प्रदूषण तक की समस्याओं पर वैश्विक वकालत को बढ़ावा देता है| 2024 के थीम इस वर्ष का विश्व पर्यावरण दिवस अभियान भूमि पुनर्स्थापन, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने पर केंद्रित है, जिसका ...
पर्यावरण जीवों और उनके जीवन का आधार और एक अनिवार्य घटक है। उसके बिना जीवन अकल्पनीय है...
मुर्खा: यत्र न पूज्यंते धान्यं यत्र सुसंचितम | दांपत्यों: कालहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता || आचार्य चाणक्य...
