शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए डिविडेंड देने वाली कंपनियां हमेशा आकर्षण का केंद्र रहती हैं। कई कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों के साथ बांटती हैं, जिसे डिविडेंड कहा जाता है। अब एक कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए **हर शेयर पर 37 रुपये का डिविडेंड** देने का ऐलान किया है। कंपनी ने इसके लिए रिकॉर्ड डेट भी तय कर दी है। डिविडेंड उन निवेशकों को मिलता है जिनके नाम रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयरधारकों की सूची में दर्ज होते हैं। इसलिए निवेशकों के लिए रिकॉर्ड डेट काफी महत्वपूर्ण होती है। कंपनी के शेयर रखने वाले पात्र निवेशकों के बैंक खाते में डिविडेंड की राशि सीधे भेजी जाती है।
कई बार ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनियों के शेयर आकर्षक लगते हैं, लेकिन निवेश का फैसला केवल डिविडेंड के आधार पर नहीं लेना चाहिए। शेयर बाजार में बढ़ा डिविडेंड का आकर्षण पिछले कुछ वर्षों में डिविडेंड देने वाले शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। बाजार में कई कंपनियां समय-समय पर अंतरिम और अंतिम डिविडेंड घोषित करती हैं। रिकॉर्ड डेट और एक्स-डेट की जानकारी कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज पर जारी करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशक अक्सर ऐसी कंपनियों को पसंद करते हैं जिनका कारोबार मजबूत हो और जो नियमित रूप से शेयरधारकों को लाभ देती हों। डिविडेंड के साथ टैक्स का भी रखें ध्यान डिविडेंड से मिलने वाली आय पर लागू टैक्स नियमों को भी निवेशकों को ध्यान में रखना चाहिए। अलग-अलग निवेशकों के लिए टैक्स की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी डिविडेंड निवेश से पहले कंपनी की घोषणा, रिकॉर्ड डेट और टैक्स नियमों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
