नई दिल्ली, 07 सितंबर । सल्फर बेस्ड इनॉर्गेनिक केमिकल्स का उत्पादन और कारोबार करने वाली कंपनी शांति इनॉर्गेनिक्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने धमाकेदार एंट्री कर पहले दिन ही अपने आईपीओ निवेशकों को लगभग दोगुने का फायदा करा दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 83 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 157.70 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण कंपनी के शेयरों के भाव घट कर 150 रुपये तक पहुंच गए, लेकिन कुछ देर बाद ही इन शेयरों की लिवाली शुरू हो गई। लिवाली के शुरू होते ही इन शेयरों के भाव में तेजी का रुख बन गया। लगातार हो रही लिवाली के कारण कुछ देर में ही ये शेयर 165.55 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों प्रति शेयर 82.55 रुपये यानी 99.46 प्रतिशत का फायदा हो गया।
कंपनी का 47.24 करोड़ रुपये का आईपीओ 31 अगस्त से दो सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 142.17 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 130.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 195.53 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 125.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 56,91,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी गुजरात के अहमदाबाद में सोडियम मेटा सोडियम मेटा-बाइसल्फाइट, सोडियम बाइसल्फाइट पाउडर और अमोनियम बाइसल्फाइट बनाने के लिए नया प्लांट लगाने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
शांति इनॉर्गेनिक्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 5.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.99 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 10.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक कंपनी को 2.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 45.06 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 58.46 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 72.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक कंपनी को 16.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली उतार चढ़ाव के बाद पूरी तरह से खत्म हो गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 24.34 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 25.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 से ही कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो चुकी है। कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 16.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 24.96 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 36.68 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 39.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 17.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 25.60 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 48.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई तक कंपनी का नेटवर्थ 50.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 8.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 12.06 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 15.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने बीतने के बाद 31 मई 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 4.02 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
