चेन्नई, 09 सितंबर । गणेशोत्सव से पहले चेन्नई पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने प्रतिमाओं की अधिकतम ऊंचाई आधार समेत 10 फीट तक सीमित कर दी है। प्रतिमा स्थापित करने से पहले भूमि मालिक की सहमति के साथ संबंधित स्थानीय निकाय, राजमार्ग विभाग अथवा अन्य सरकारी विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा अग्निशमन विभाग और बिजली बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करना भी जरूरी होगा।
देशभर में 14 सितंबर से गणेशोत्सव मनाए जाने के मद्देनजर चेन्नई महानगर पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में वेपेरी स्थित पुलिस आयुक्तालय में चेन्नई महानगर पुलिस आयुक्त अमलराज की अध्यक्षता में विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना, पूजा, जुलूस और समुद्र में विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने के लिए संबंधित पुलिस थाने में निर्धारित आवेदन देना होगा। आवेदन में निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों का पालन करने का लिखित आश्वासन देने के बाद ही पुलिस से अनुमति प्राप्त की जा सकेगी।
प्रतिमा स्थापना के लिए केवल पुलिस की अनुमति पर्याप्त नहीं होगी। आयोजकों को भूमि मालिक की सहमति लेने के साथ स्थानीय निकाय, राजमार्ग विभाग अथवा अन्य संबंधित सरकारी विभागों से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त करनी होगी। अग्निशमन विभाग और बिजली बोर्ड से एनओसी लेना भी अनिवार्य किया गया है।
पुलिस ने गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई है। प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और जहरीले रसायनों का इस्तेमाल कर प्रतिमाएं बनाने की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस ने कहा कि प्रतिमा स्थापना के दौरान पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए और ऐसी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जिससे विसर्जन के बाद जलस्रोतों या समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचे।
पुलिस ने आयोजकों को अन्य पूजा स्थलों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के समीप गणेश प्रतिमा स्थापित करने से बचने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य पूजा और जुलूस के दौरान होने वाली भीड़, ध्वनि तथा यातायात से संबंधित परेशानियों को कम करना है।
गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक सौहार्द बनाए रखने पर भी पुलिस ने विशेष जोर दिया। धार्मिक वैमनस्य भड़काने या दूसरे धर्मों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे, उद्घोष या किसी अन्य गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने आयोजकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि उत्सव के नाम पर ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
गणेश प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर भी आयोजकों की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रतिमा स्थापना स्थल पर दो स्वयंसेवकों को बारी-बारी से चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रतिमा स्थापना वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने प्रतिमा स्थापना परिसर को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाने पर भी रोक लगाई है। परिसर में किसी राजनीतिक दल या धार्मिक नेता के समर्थन में विज्ञापन बोर्ड, प्रचार बैनर अथवा अन्य प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं होगी।
गणेशोत्सव के दौरान पंडालों में अग्नि सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। बिजली के उपकरणों और पंडालों की नियमित निगरानी करनी होगी, ताकि शॉर्ट सर्किट, आग अथवा अन्य अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके। आयोजकों को विद्युत व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का पालन करने और किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी पुलिस ने स्पष्ट व्यवस्था तय की है। पुलिस की ओर से निर्धारित दिनों में ही प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा सकेगा। प्रतिमाओं को केवल निर्धारित मार्गों से विसर्जन स्थल तक ले जाने की अनुमति होगी। पुलिस ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रतिमाओं को केवल अनुमति प्राप्त चार पहिया वाहनों में ही ले जाया जाए। जुलूस के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और यातायात तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखना होगा।
चेन्नई पुलिस ने गणेश प्रतिमा स्थापना स्थलों, जुलूस मार्गों और विसर्जन स्थलों पर पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पुलिस का मानना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों से आग और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इन स्थानों पर पटाखों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस आयुक्त अमलराज ने यह भी निर्देश दिया कि गणेश चतुर्थी उत्सव का आयोजन चेन्नई उच्च न्यायालय और तमिलनाडु सरकार के आदेशों के अनुरूप किया जाए। पुलिस ने साफ कर दिया है कि गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को पूजा और विसर्जन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, पर्यावरण, अग्नि सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
परामर्श बैठक में चेन्नई महानगर पुलिस सीमा के अंतर्गत गणेश प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा करने वाले हिंदू मुन्नानी, हिंदू मक्कल काची, शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद और भारत हिंदू मुन्नानी समेत 29 संगठनों के करीब 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पुलिस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कपिलकुमार सी. सराटकर और के.एस. नरेंद्रन नायर समेत अन्य अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया
