आजकल लंबे समय तक मोबाइल चलाने, लैपटॉप पर काम करने और गलत तरीके से बैठने के कारण कई लोगों की गर्दन के पीछे उभार दिखाई देने लगता है। इसे आम बोलचाल में गर्दन का कूबड़ कहा जाता है। कई बार यह उभार गर्दन को आगे की ओर झुकाकर रखने और खराब पोश्चर के कारण होता है। हालांकि, हर उभार का कारण एक जैसा नहीं होता। कुछ मामलों में शरीर में चर्बी जमा होने, हड्डियों से जुड़ी समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस या हार्मोन संबंधी परेशानी के कारण भी ऐसा हो सकता है। इसलिए अगर गर्दन के पीछे उभार अचानक बढ़ रहा है, दर्द हो रहा है या इसके साथ हाथों में सुन्नपन महसूस होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। यदि समस्या खराब पोश्चर के कारण है, तो कुछ आसान एक्सरसाइज गर्दन और कंधों की स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हैं।
पहली एक्सरसाइज है चिन टक (Chin Tuck)। इसे करने के लिए सीधे बैठ जाएं और नजर सामने रखें। अब ठुड्डी को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं, जैसे आप हल्का डबल चिन बना रहे हों। ध्यान रखें कि सिर नीचे न झुके। इस स्थिति में पांच सेकंड रुकें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं। शुरुआत में इसे 8 से 10 बार करें। यह एक्सरसाइज गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत करने और सिर को सही स्थिति में रखने में मदद कर सकती है।
दूसरी एक्सरसाइज है शोल्डर ब्लेड स्क्वीज (Shoulder Blade Squeeze)। इसके लिए सीधे बैठें या खड़े हो जाएं। दोनों कंधों को आराम से पीछे की ओर ले जाएं और कंधों के पीछे की हड्डियों को एक-दूसरे के करीब लाने की कोशिश करें। इस स्थिति में पांच सेकंड रुकें और फिर आराम करें। इसे 10 से 12 बार दोहराएं। यह एक्सरसाइज ऊपरी पीठ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है, जिससे झुके हुए पोश्चर में सुधार हो सकता है।
तीसरी एक्सरसाइज है चेस्ट स्ट्रेच (Chest Stretch)। दरवाजे के फ्रेम के पास खड़े होकर दोनों हाथों को कंधों की ऊंचाई पर रखें। अब धीरे-धीरे शरीर को थोड़ा आगे ले जाएं, जब तक छाती में हल्का खिंचाव महसूस न हो। इस स्थिति में 15 से 20 सेकंड तक रुकें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं। इसे दो से तीन बार दोहराया जा सकता है। इससे छाती की मांसपेशियों में खिंचाव कम करने और कंधों को पीछे रखने में मदद मिल सकती है।
इन एक्सरसाइज के साथ मोबाइल को आंखों की ऊंचाई पर रखना, काम के दौरान नियमित ब्रेक लेना और लंबे समय तक झुककर बैठने से बचना भी जरूरी है। ध्यान रखें कि एक्सरसाइज से हर तरह का कूबड़ खत्म नहीं होता। अगर उभार लगातार बढ़ रहा है या दर्द और अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो विशेषज्ञ की सलाह लें।
