श्रीगंगानगर, । सूरतगढ़ तापीय परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट में रविवार को कोयला लेकर आ रही मालगाड़ी के चार वैगन पटरी से उतर गए। तापीय परियोजना में प्रवेश के दौरान कांटा संख्या के-21 पर ट्रैक से उतरे वैगन को सूरतगढ़ से आई रेलवे की क्रेन ने पुन: पटरी पर रखने का प्रयास शुरू कर दिया है, जो देर शाम तक जारी है।
मुख्य अभियंता एसपी बंसल ने बताया कि परियोजना के यार्ड में प्रवेश करने से पूर्व रेलवे के कांटे पर चार कोल रैक शाम 4 बजकर 45 मिनट के करीब पटरी से उतर गए। सूरतगढ़ से आई रेलवे की क्रेन से इन्हें पुन: पटरी पर रखने का कार्य शुरू कर दिया गया है। देर रात 10 बजे तक पुन: गाड़ियों का आवागमन सुचारू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांटा संख्या के-21 परियोजना यार्ड के आठ रेलवे ट्रैक में से छह को जोड़ता है। इस हादसे के कारण परियोजना की छह लाइन प्रभावित हुईं। हनुमानगढ़ से बिरधवाल स्टेशन के बीच 6 कोयला गाड़ियों को परियोजना में प्रवेश के लिए इंतज़ार करना पड़ा है।
विद्युत उत्पादन इंटक के प्रदेश महामंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने इस घटना पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि ठेका लेने वाली फर्म ट्रैक का रखरखाव ठीक से नहीं कर रही हैं, जिसके कारण यह हादसा हुआ है। सूरतगढ़ थर्मल के रेलवे मंडल परिचालन के वरिष्ठ प्रबंधक जयप्रकाश के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों ने सुपर क्रिटीकल थर्मल में निर्मित नए रेलवे सिस्टम का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने नवनिर्मित वैगन टिप्लर, रेलवे यार्ड सहित निर्माणाधीन वैगन टिप्लर सहित सब क्रिटीकल थर्मल के वेव ब्रिज का निरीक्षण किया। थर्मल में नियुक्त रेलवे कर्मियों को निर्धारित समय मे कोल व फ्यूल रैक खाली करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियन्ता रविन्द्र चौहान, मुख्य संचालन निरीक्षक महेंद्र सिंह सहित थर्मल उप मुख्य अभियंता बीएल वर्मा, अधिशाषी अभियंता रणवीर सिंह, सहायक अभियंता घनश्याम अग्रवाल आदि रहे।
