नई दिल्ली। जापानी नौसेना का विध्वंसक जहाज जेएस मकीनामी सद्भावना यात्रा पर भारत के पश्चिमी तट पर मुंबई पहुंचा है। इस जहाज को एंटी-पायरेसी ऑपरेशन के लिए अदन का खाड़ी में तैनात किया जा रहा है। इसलिए यह जहाज दो दिन की भारत यात्रा पूरी करके 20 फरवरी को मनामा, बहरीन के लिए रवाना हो जाएगा।
नौसेना प्रवक्ता के अनुसार जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल (जेएमएसडीएफ) का तकनामी श्रेणी का विध्वंसक जहाज जेएस मकीनामी शनिवार को मुंबई की सद्भावना यात्रा पर पहुंचा है। इस जहाज को समुद्री डकैती रोकने के अभियान में अदन की खाड़ी में तैनात किया जा रहा है। भारत के पश्चिमी तट पर जापानी जहाज के कप्तान एस्कॉर्ट डिवीजन सेवन (सीईडी 7) के कमांडर फ़ूजी केनरिची और जेएस मकीनामी के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर एनओएसई कोजी, जापान के डीए कैप्टन तचिबाना हिरोशी के साथ पश्चिमी नौसेना कमान मुख्यालय में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशंस) रियर एडमिरल कुणाल सिंह राजकुमार से मिले और आम हित के विषयों पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि भारत और जापान की नौसेनाएं नियमित रूप से नौसैन्य अभ्यास में शामिल होती हैं। 2015 से जापान भी नौसैनिक अभ्यासों की ‘मालाबार’ शृंखला में भाग ले रहा है, जिसमें अब ऑस्ट्रेलिया भी शामिल है। बहुपक्षीय अभ्यास में भाग लेने के लिए फारस की खाड़ी जाने से पहले जापानी जहाजों जेएस उरगा और अवाजी ने 14 से 16 फरवरी तक कोच्चि का दौरा किया है। जापान के शिगा प्रांत स्थित कैंप इमाजु में इस समय भी दोनों देशों की सेनाओं के बीच 17 फरवरी से ‘धर्म गार्जियन’ अभ्यास चल रहा है, जो 02 मार्च तक चलेगा। दोनों देशों ने दशकों से आला हथियार प्रणालियों को विकसित करने के लिए समुद्री मामलों, सैन्य रसद और रक्षा-औद्योगिक मामलों में सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया है। मुंबई में अपने प्रवास के दौरान जेएमएसडीएफ के कर्मी सांस्कृतिक रुचि के स्थानों का दौरा करेंगे।
