नई दिल्ली, 20 फरवरी । पाकिस्तान से सोमवार को प्रकाशित अधिकांश समाचार पत्रों ने चुनाव आयोग के पंजाब और खैबरपख्तूनख्वा के विधानसभा चुनावों की तारीखों के मामले में राष्ट्रपति को विचार-विमर्श का हिस्सा बनाने से इनकार करने की खबरों को प्रमुखता दी है। दोनों राज्यों में चुनाव के संबंध में राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के पत्र का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें इस बातचीत का हिस्सा बनाने की प्रक्रिया से माफी मांगी है। आयोग ने संविधान के आर्टिकल 105 का हवाला देते हुए कहा है कि भंग की गई असेंबलियों के चुनाव की तारीख गवर्नर दे सकता है लेकिन उसके पत्र का गवर्नर ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
इसपर राष्ट्रपति अल्वी ने कहा है कि लगता है कि आयोग को चुनाव की तारीख देने से जुर्माना हो जाएगा। राष्ट्रपति का कहना है कि संविधान से खिलवाड़ किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि मामला अदालतों में चल रहा है हमारे पास चुनाव के लिए तारीख देने का अधिकार नहीं है।
इसके अतिरिक्त अखबारों ने आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान में अमीरों को सब्सिडी नहीं देने वाले सुझाव को भी प्रकाशित किया है। उसका कहना है कि और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। अखबारों ने मासिक फ्यूल एडजस्टमेंट में बिजली महंगी होने की संभावना की खबरें भी दी हैं।
अखबारों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि अदालतें ऑडियो लीक का नोटिस लें। राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए ऑडियो लीक की जा रही हैं। हमने जमानत के लिए आज हाई कोर्ट में पेश होने का फैसला लिया है। अखबारों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की लीडर मरियम नवाज का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि नवाज शरीफ के खिलाफ लोहे के हाथ अब मोम क्यों हो गए हैं? इमरान दार नहीं ईमानदार जजों की जरूरत है।
अखबारों ने गृह मंत्री राना सनाउल्ला के एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि कार्यकर्ता नहीं देश को नुकसान करने वालों को जेल में रखेंगे। इमरान खुद बंकर में छिपा बैठा है। नेशनल असेंबली और विधानसभा के चुनाव एक ही साथ एक ही रोज होने चाहिए। अखबारों ने पूर्व गृहमंत्री शेख रशीद का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन ने मुल्क को संवैधानिक संकट में धकेल दिया है। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी चुनाव की तारीख दें या त्यागपत्र दें।
अखबारों ने विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि आर्थिक बदहाली के बदतर दौर से गुजर रहे हैं। कर्ज वापस करने की क्षमता रखते हैं। हम एक बार फिर एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था बन सकते हैं। अखबारों ने एमक्यूएम के नेशनल असेंबली की 9 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से इलेक्शन नहीं लड़ने के फैसले की खबरें भी दी हैं।
अखबारों ने आमीर जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान का एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां आटा, चीनी, खाद माफियाओं से मिली हुई हैं। पीटीआई, पीडीएम, पीपीपी को 100 साल भी मिल जाए तो देश के हालात बेहतर नहीं हो सकते।
अखबारों ने ननकाना साहिब में सिखों के धार्मिक त्योहार शुरू होने की खबर देते हुए बताया है कि इसमें भाग लेने के लिए ब्रिटेन से हिंदू और सिख यात्री नानकाना साहब पहुंचने लगे हैं। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि के पहले पन्ने पर प्रकाशित हुई हैं।
रोजनामा नवाएवक्त ने कश्मीरी नेताओं डॉक्टर मोबीन महमूद, अहमद सागर, गुलाम मोहम्मद शफी आदि के एक वेबिनार में हिस्सा लेने और वहां पर दिए गए बयानों को छापा है।
