डिब्रूगढ़ (असम), 07 अप्रैल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 75 दिनों के उपलक्ष्य में आयोजित ‘योग महोत्सव’ बेहद सफल रहा। हजारों लोग आज यहां डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के मैदान में सामान्य योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का अभ्यास करते हुए कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चौना मीन, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री व डिब्रूगढ़ सांसद रामेश्वर तेली, केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, असम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री केशव महंत, पूर्व मंत्री और हाउसफेड के अध्यक्ष भवेश कलिता, मणिपुर के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सपम रंजन सिंह, मेघालय के ऊर्जा मंत्री एटी मंडल, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जितेन हजारिका और आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा शामिल हुए।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा, “यह बहुत खुशी और गर्व की बात है कि डिब्रूगढ़ इस प्राचीन वातावरण में इस अद्भुत ‘योग महोत्सव’ की मेजबानी कर रहा है। जैसे-जैसे हजारों की संख्या में हमारे साथ लोग जुड़ते गए, हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के योग को स्वस्थ और बेहतर कल की दिशा में शुरू की गई मुहिम को एक वैश्विक आंदोलन बनाने के दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रहे हैं।
सोनोवाल ने कहा, “योग महोत्सव के इस पवित्र अवसर पर, जो इस शुभ विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मनाया जा रहा है, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि आयुष मंत्रालय डिब्रूगढ़ में 100 बिस्तरों वाला एक योग और प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल स्थापित करने जा रहा है। यह क्षेत्र में स्वास्थ्य देखभाल के केंद्र के रूप में डिब्रूगढ़ को और मजबूत करेगा। मैं असम के मुख्यमंत्री डॉ, हिमंत बिस्व सरमा का उत्तर-पूर्व में अपनी तरह के इस एकमात्र केंद्र को पूरा समर्थन देने के लिए आभारी हूं। यह केंद्र असम के लोगों को योग और प्राकृतिक चिकित्सा आउट पेशेंट और इनपेशेंट उपचार प्रदान करके क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगा।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के बीच योग चिकित्सकों का एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। जो योग को हर किसी की स्वस्थ जीवन शैली का हिस्सा बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “यह एक महान क्षण है जब हम सभी आज इस खूबसूरत सुबह में योग करने के लिए शामिल हुए हैं। यह भारतीय विरासत के सबसे बड़े वरदानों में से एक है। हम आज योगाभ्यास करते हैं, यह न केवल लोगों के बीच योगाभ्यास को बढ़ावा देता है, बल्कि एक बेहतर, स्वस्थ कल का वादा भी करता है।
इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोना मीन ने कहा, “योग भारत की समृद्ध विरासत का एक अद्भुत उपहार है जिसने दुनिया को एक स्वस्थ स्थान बनने के लिए लाभान्वित किया है। मुझे खुशी है कि मैं आज इस कार्यक्रम में भाग ले रहा हूं और हम एक स्वस्थ कल की दिशा में काम कर रहे हैं।
उद्योग और वाणिज्य मंत्री, असम बिमल बोरा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री अरुणाचल प्रदेश अलो लिबांग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मेघालय डॉ. मजेल अम्पारीन लिंगदोह, शहरी विकास मंत्री सिक्किम एलबी दास, श्रम कल्याण विभाग असम के मंत्री संजय किसान, डिब्रूगढ़ के विधायक व एआईडीसी के अध्यक्ष प्रशांत फुकन, सांसद हरेन सिंह बे, विधायक तेरेस ग्वाला, बिनोद हजारिका, चक्र गोगोई सहित कई अन्य प्रमुख हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुईं।
हजारों भारतीय छात्रों के अलावा, तंजानिया, युगांडा, केन्या, टोगो, नेपाल, नाइजीरिया, लेसोथो, बोत्सवाना, मिस्र, नामीबिया और कोरिया के अंतरराष्ट्रीय छात्रों, योग उत्साही लोगों ने योग महोत्सव में भाग लिया और इसे शानदार सफलता दिलाई। कार्यक्रम में एमडीएनआईवाई के निदेशक डॉ. ईश्वर वी. बसवराड्डी ने योग का अभ्यास कराया।
