शहद का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही होता आया है और शहद के फायदे के बारे में आयुर्वेद में भी प्रमुखता से उल्लेख मिलता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शहद मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से बनाया गया एक तरल पदार्थ है। इसे मधुमक्खियों द्वारा कई चरणों में काफी लम्बी प्रक्रिया के बाद तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में शहद को एक औषधि का दर्जा हासिल है और अब पूरी दुनिया में लोग मिठास के लिए भी शहद का इस्तेमाल करने लगे हैं। पिछले कुछ दशकों में शहद पर हुए कई वैज्ञानिक शोध आयुर्वेद में बताए इसके गुणों की पुष्टि करते हैं।शहद का उपयोग आप किसी भी रुप में करें यह आपकी सेहत के लिए उतनी ही फायदेमंद है। बस इसके इस्तेमाल से पहले यह ज़रुर जांच लें कि उपयोग में लाया जा रहा शहद असली है या मिलावटी, क्योंकि मिलावटी शहद खाने से सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। शहद की क्वालिटी को लेकर लोग हमेशा असमंजस में रहते हैं। आपकी जानकरी के लिए बता दें कि असली शहद काफी गाढ़ा होता है और पानी में डालने पर यह आसानी से घुलता नहीं है बल्कि तली में जाकर जम जाता है जबकि नकली शहद पानी में जल्दी घुल जाता है। हालांकि शहद की शुद्धता जांचने का यह कोई निश्चित पैमाना नहीं है.
शहद के औषधीय गुण
शहद के औषधीय गुणों की बात करें तो यह अनगिनत बीमारियों के इलाज में उपयोगी मानी जाती है। यही कारण है कि प्राचीन काल से ही शहद को औषधि माना गया है। आज के समय में मुख्य रुप से लोग त्वचा में निखार लाने, पाचन ठीक रखने, इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने, वजन कम करने आदि के लिए शहद का उपयोग करते हैं। इसके अलावा शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जिसकी वजह से घाव को भरने में या चोट से जल्दी आराम दिलाने में भी यह बहुत कारगर है।
