नई दिल्ली, 14 जून। चक्रवाती तूफ़ान ‘बिपरजॉय’ का मुकाबला करने के लिए तीनों सेनाएं भी तैयार हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को तीनों सेना प्रमुखों से चक्रवात के लैंडफॉल के लिए सशस्त्र बलों की तैयारियों के बारे बात की। सेनाध्यक्षों की ओर से भरोसा दिलाया गया कि चक्रवात के कारण किसी भी स्थिति या आकस्मिकता से निपटने के लिए सशस्त्र बल नागरिक प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।
समुद्री तूफान बिपरजॉय को लेकर केंद्र सरकार काफी अलर्ट है और तटीय इलाकों में काफी ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कई केंद्रीय मंत्री लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीनों सेनाओं के प्रमुखों से ‘बिपरजॉय’ तूफान को लेकर बात की है। उन्होंने उच्च स्तरीय बैठक में तीनों सेनाओं की तैयारियों के बारे में चर्चा की। सेना प्रमुखों ने उन्हें चक्रवात के कारण किसी भी स्थिति या आकस्मिकता का मुकाबला करने का भरोसा दिलाया है।
गुजरात में तैनात सीमा सुरक्षा बल की बचाव टीम समुद्री तट की ओर बढ़ते हुए भयंकर चक्रवाती तूफान ‘बिपरजॉय’ के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के 15 जून की शाम को जखाऊ तट के पास टकराने की संभावना है और उसके बाद इसके कच्छ के रण से होते हुए राजस्थान तक जाने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी करके चक्रवात के भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से गुजरने की संभावना जताई है। इसलिए सीमा सुरक्षा बल ने भी पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करने के साथ-साथ बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए हैं।
