नई दिल्ली, 15 जून। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष महमूद असद मदनी ने कहा कि घृणा एवं भेदभाव से देश में नकारात्मक वातावरण पनपता है, जिससे देश के विकास और मानव सुरक्षा को बड़ी हानि पहुंचती है। मौलाना मदनी ने देश में साम्प्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए घृणा के कारणों को समाप्त करने और सभी वर्गों को मिल कर बुराई को खत्म करने पर बल दिया।
मौलाना मदनी नई दिल्ली स्थित मुख्यालय के मदनी हॉल में गुरुवार को सर्वधर्म की हस्तियों, विशेषकर सनातन धर्म के धर्मगुरुओं की एक विशेष सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सद्भावना की स्थापना को राष्ट्र की समस्या बताते हुए कहा कि हम विभिन्न संस्कृतियों और जीवन पद्धतियों का प्रतिनिधित्व करते हैं और यही हमारे देश की पहचान और विशिष्टता है। हमें अपनी इन विभिन्न पहचानों को स्वीकार करके ही आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा हालातों को ठीक करने के लिए हमें सही रास्ते से भटके हुए लोगों को समझाना पड़ेगा।
इस अवसर पर स्वामी चंद्र देव जी महाराज ने कहा कि आपसी गलतफहमियां इस तरह साथ बैठने से दूर होंगी। धर्मगुरुओं के साथ बैठने से देश में शांति और सुरक्षा की स्थापना और स्थिरता में अवश्य मदद मिलेगी। स्वामी विश्व आनंद जी महाराज ने कहा कि अब समय आ गया है कि मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में हम सब मिलकर देश में सद्भावना को मजबूत करेंगे।
स्वामी सुरेंद्रपुरी जी महाराज ने कहा कि यह मानवता के विरुद्ध है कि एक खुदा के बंदे एक दूसरे से नफरत करें। आचार्य विजय जी महाराज ने कहा कि चंद लोगों के कारण जो देश में नफरत और कट्टरता की बातें करते हैं, हिंदू और मुसलमानों के बीच खाई बढ़ी है। सभा में स्वामी चंद्र देव जी महाराज आश्रम दिल्ली, स्वामी विश्व आनंद जी महाराज गुजरात निवास दिल्ली, स्वामी सुरेंद्रपुरी जी महाराज रोहिणी आश्रम दिल्ली, आचार्य मास्टर विजय जी महाराज मुजफ्फरनगर, स्वामी तरसेम जी महाराज इंटरनेशनल यूबीएम मिशन, बाबा सुख देव महाराज गाजियाबाद के अलावा बड़ी संख्या में धर्मगुरुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभा के आयोजन और संचालन का उत्तरदायित्व जमीअत उलमा-ए-हिन्द के जमीअत सद्भावना मंच के संयोजक मौलाना मोहम्मद जावेद सिद्दीकी कासमी ने निभाया।
