मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) ने रविवार को वर्ली के एनएससीआई में पार्टी का पदाधिकारी सम्मेलन आयोजित किया। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले सिर्फ बीजेपी के लोग मातोश्री आते थे, लेकिन आज बीजेपी को छोड़कर हर पार्टी के लोग मातोश्री आ रहे हैं। जो सुख में साथ दे, वो रिश्ता होता है, लेकिन दुख में साथ दे, वो फरिश्ता होता है। दिनभर चले सम्मेलन के समापन सत्र में उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी सुख का लाभ लेने वाली पार्टी है, उसे सिर्फ यही आता है। लेकिन कल को सत्ता जाने के बाद बीजेपी सड़क पर होगी, तो उसके पास कोई मित्र नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मैं 23 जून को पटना जा रहा हूं। पत्रकार मुझसे पूछते हैं कि विपक्ष एकजुट होगा क्या? विपक्ष का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा? मैं पत्रकारों को कहता हूं कि बीजेपी के खिलाफ लड़ने के उद्देश्य से विपक्ष एकजुट नहीं हो रहा, बल्कि यह स्वतंत्रता प्रेमियों की एकजुटता है। जो लोग भारत माता को स्वतंत्र देखना चाहते हैं, मेरी उन सभी से अपील है कि एकजुट हों और भारत माता को बीजेपी के कब्जे से आजाद कराएं।
स्थापना दिवस से पहले उद्धव गुट ने किया पदाधिकारी सम्मेलन
हर साल 19 जून को मनाए जाने वाले शिवेसना स्थापना दिवस से एक दिन पहले रविवार को शिवसेना (उद्धव) गुट ने वर्ली के नैशनल स्पोर्टस क्लब में शिवसेना पदाधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया। दिनभर चले इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में आदित्य ठाकरे ने शिवसेना के शिंदे गुट पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि 19 जून तो पिछले कई वर्षों से शिवसेना का स्थापना दिवस है। उस शिवसेना का, जिसकी स्थापना मेरे दादा दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने की थी। लेकिन 20 जून को ‘विश्व खोके दिवस’ है। क्योंकि इसी दिन कुछ गद्दारों ने शिवसेना से गद्दारी की थी, जिस पर दुनिया के 33 देशों ने ध्यान दिया था। बता दें कि पिछले साल 20 जून को ही एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से बगावत कर बीजेपी के साथ सरकार बना ली थी।
नवभारत टाइम्स
