भोपाल, 21 जून। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आज योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। वर्ष 2014 से प्रारंभ हुई यह योग यात्रा आज भी जारी है। इस यात्रा की उपलब्धि यह है कि इसमें जन सहभागिता अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। अब यह जन -आंदोलन का रूप धारण कर चुका है।
केन्द्रीय मंत्री सोनोवाल बुधवार को नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की उपस्थिति में जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित देश के मुख्य कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कई मायनों में विलक्षण है। इसमें ओशन रिंग, योग भारतमाला, योग सागरमाला जैसे कार्यक्रम भी होंगे। आर्कटिक से लेकर अंटार्कटिका महासागर तक के क्षेत्र में योग प्रदर्शन और प्रमुख मेरिडियन लाइन, उस पर पड़ने वाले और उस लाइन के आसपास के 40 से अधिक देशों में योग प्रदर्शन होगा।
आज पूरा विश्व योगमय है: मुख्यमंत्री शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहा कि आज संस्कारधानी जबलपुर, प्रदेश, देश ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व योगमय हो गया है और इसका श्रेय जाता है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को, जो आज स्वयं संयुक्त राष्ट्र संघ में दुनिया लिए योग का नेतृत्व कर रहे हैं। योग की इस विधा को जन -जन तक पहुंचाने का कार्य प्रधानमंत्री द्वारा किया जा रहा है। भारत की यह प्राचीन विधा विश्व कल्याण के लिए है। हज़ारों वर्ष पूर्व से अपनाई जा रही हमारी वसुधैव कुटुंबकम् की अवधारणा संदेश देती है कि सारी दुनिया हमारा परिवार है। मनुष्य को हमने जियो और जीने दो का संदेश दिया है, हमारे ऋषि मुनियों ने सर्वे भवन्तु सुखिनः के माध्यम से बताया है कि पहला सुख निरोगी काया है और इसके लिए योग से बड़ा साधन कोई नहीं है। उन्होंने महर्षि पतंजलि को प्रणाम करते हुए उनके अष्टांग योग का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने की विद्यालयों में योग की शिक्षा को अनिवार्य करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सभी का आह्वान किया कि हमें केवल योग दिवस पर योग नहीं करना है, बल्कि इसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना है। यही ऊर्जा देश के विकास में लगानी है। स्वस्थ रहकर ही हम देश की सेवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं और हमारे प्रधानमंत्री मोदी प्रतिदिन योग करते हैं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने फ़ैसला लिया है कि सभी विद्यालयों में योग की शिक्षा को अनिवार्य किया गया है।
योग से शारीरिक मानसिक और वैचारिक स्वास्थ्य: राज्यपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग से शारीरिक मानसिक और वैचारिक स्वास्थ्य मिलता है। योग शरीर, मन, आत्मा को जोड़ने का विधान है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित कर बीमारियों की रोकथाम करता है। इसने हमें वैश्विक आपदा कोविड से उबारने में मदद की है। यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसे स्वीकार करके इसकी उपयोगिता सिद्ध की है। आज योग की पहचान पूरे विश्व में है। उन्होंने युवाओं से कहा कि उनके करिअर और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए योग सशक्त माध्यम साबित होगा। योग को अपने जीवन में अंगीकार करें, सात्विक एवं संतुलित आहार ग्रहण करें। योग के नियमित अभ्यास से विचारों में दुनिया के प्रति सकारात्मक बदलाव आएगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रीगण फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रहलाद सिंह पटेल, डॉ मुंजपरा महेंद्रभाई, प्रदेश के आयुष मंत्री रामकिशोर “नानो” कावरे, सांसद वीडी शर्मा, राकेश सिंह व राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मिकी, विधायक अजय विश्नोई एवं अशोक रोहाणी, रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष कमलेश पटेल “दाजी” भी कार्यक्रम में शामिल रहे।
जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में देश के मुख्य कार्यक्रम का शुभारम्भ सुबह 6:00 बजे राष्ट्रगान से हुआ। कार्यक्रम स्थल पर एलईडी स्क्रीन के जरिये मंच से योग प्रशिक्षकों के प्रसारित सन्देश पर एक साथ योगाभ्यास हुआ। कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा तय कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योग की विभिन्न मुद्राओं एवं प्राणायाम का अभ्यास किया गया। देश के मुख्य कार्यक्रम के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे प्रदेश में सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम सभी सार्वजनिक स्थलों, खुले मैदानों, उद्यानों, स्कूल-कॉलेजों एवं ऐतिहासिक तथा पुरामहत्व के स्थलों में भी आयोजित किये गये। ग्राम पंचायत स्तर तक गैरिसन ग्राउंड के राष्ट्रीय कार्यक्रम से दूरदर्शन और आकाशवाणी से प्रसारित संदेशों पर योगाभ्यास किया गया। इनमें समाज के सभी वर्ग, सभी समुदाय और हर आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। घर और आंगन में भी योग का अभ्यास लोगों ने किया।
कार्यक्रम का देश भर में तथा विश्व के कई देशों में सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के छात्र, योग से जुड़ी संस्थाओं के योगाभ्यासी तथा सेना एवं होमगार्ड के जवानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में श्रवण एवं अस्थि बाधित दिव्यांग छात्र-छात्राओं, ट्रांसजेंडर्स तथा कैंसर एवं थैलीसीमिया की बीमारी से मुक्त हुए रोगियों ने भी समूह में योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिव्यांग योगाभ्यासी संजय चक्रवर्ती और मनोज कश्यप से भी मुलाकात की।
