दिल्ली:- पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग एप से धर्मांतरण कराने के मुख्य आरोपी शाहनवाज मकसूद उर्फ बद्दो को रिमांड पर लेकर तीन दिन की गई पूछताछ में उसकी साजिश से पर्दा उठ जाने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर संसद में अध्यादेश आने के बाद उसने यह साजिश रची। उसने जब दिल्ली समेत कई जगह सीएए का विरोध होते देखा तो उसने बदले की भावना से धर्मांतरण कराना शुरू किया। उसके मोबाइल में सभी चैट 2019 के बाद की ही मिली हैं, जबकि वह गेमिंग एप इससे पहले से इस्तेमाल कर रहा था। उसके इस मकसद का उल्लेख पुलिस आरोप पत्र में करेगी।
पुलिस का कहना है कि तीन दिन की पूछताछ में उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल गए हैं। उसने बताया कि जब सीएए के विरोध में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन हुए तो उसके लगा कि यह अध्यादेश उसके मजहब पर खतरा है। जनवरी-2020 में अध्यादेश अधिनियम बन गया तो उसने ठान लिया कि वह इसका बदला अपने तरीके से लेगा। वह आनलाइन गेमिंग एप में महारथी था। उसने इसी को अपना हथियार बनाया और दूसरे धर्मों को किशोरों का धर्मांतरण कराने में लग गया। उधर, तीन दिन की रिमांड पूरी होने पर बद्दो को सोमवार को जेल भेज दिया गया। इससे पहले उसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेशी हुई। अगली सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख लगी है।
