तिहाड़ जेल में लगे 3जी जैमर को कैदी 2जी सिम से चकमा दे रहे हैं। इसके लिए वह कीपैड मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। दोनों के तालमेल से सख्त बंदिशों के बाद भी वह देश-दुनिया में बेरोकटोक बात करने में कामयाब रहते हैं। जेल से गैंगस्टर बाहरी दुनिया के साजिशें रचते हैं और अपने शूटर के जरिये अंजाम तक पहुंचाते हैं। इस तरह की साजिशों की तह में पहुंचने के लिए पुलिस प्रशासन को लंबी मशक्कत करनी पड़ती है। दिलचस्प यह कि अमूमन कैदियों के पास मोबाइल व सिम मुख्य दरवाजे से नहीं आते है। इसकी जगह यह बेहद शातिराना अंदाज में दीवार से फेंककर पहुंचाया जाता है। कैदियों ने इसका पूरा सिस्टम तैयार कर रखा है, जिसको तोड़ने में जेल प्रशासन भी अभी तक असफल रहा है।
3जी और उससे ऊपर की फ्रीक्वेंसी के नेटवर्क को जाम करता है जैमर
जेल सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ में मौजूदा वक्त में लगे जैमर 2जी नेटवर्क को पूरी तरह से रोक नहीं पा रहा है। जैमर कायदे से 3जी और उससे ऊपर की फ्रीक्वेंसी के नेटवर्क को जाम कर देता है। इसकी काट कैदियों ने अपने 2जी सिम से निकाली है। इसके लिए मोबाइल भी कीपैड वाला ही इस्तेमाल करते हैं। वहीं, जेल के अंदर कुछ जगहें ऐसी हैं, जहां जैमर नेटवर्क को जाम नहीं कर पाता। लंबे वक्त तक जेल में बंद कैदी इसका भी पता लगा लेते हैं। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि ज्यादा दिक्कत होने पर कैदी कई बार जैमर के तार ही काट देते हैं। अमूमन यह तिकड़म खूंखार कैदी अपनाते हैं। उनका मकसद जेल के अंदर से अपने गैंग को संचालित करने का रहता है और वह इसमें कामयाब भी हो जाते हैं।
डार्क स्पॉट की पहचान की जा रही
उधर, जेल अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल तिहाड़ के नौ जेलों के लिए तीन टॉवर लगाए गए हैं। मंडोली के 13, 14 और 15 नंबर जेल के लिए एक जैमर का टावर लगा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जेलों के अंदर उन तमाम डार्क स्पॉट की पहचान की जा रही है, जहां से कैदी अभी भी फोन करने में कामयाब हो रहे हैं। इन स्पॉट की पहचान के बाद यहां जैमर लगाए जाएंगे। जेल अधिकारियों का कहना है कि जेल में 15 जैमर लगाए जाने का काम अंतिम दौर में हैं। इसके बाद कैदियों को जेल से फोन करना काफी मुश्किल होगा।
सख्ती बढ़ी तो अपनाए नए-नए तरीके
जेल प्रशासन के सख्त होने के क्रम में कैदी बाहर से सामान मंगाने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं। स्कैनर लगाने से जब मुख्य गेट से फोन या नशीला पदार्थ ले जाना मुश्किल हुआ तो बाहर मौजूद कैदियों के साथी जेल के बाहर से पैकेट बनाकर इन सामानों को जेल परिसर के भीतर फेंक रहे हैं। इस पर रोकथाम के लिए जेल अधिकारियों ने सड़क से सटे परिसर के पास जाल लगवाया। इससे सामान की बरामदगी भी हुई। अब जाल काटने के लिए पहले तेजाब फेंका जाता है। फिर, मोबाइल या नशीला पदार्थ कैदी तक पहुंचता है। सामान फेंकने के समय की जानकारी पेशी के दौरान कैदियों को पहले से दी रखी होती है।
जेल प्रशासन के सख्त होने के क्रम में कैदी बाहर से सामान मंगाने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं। स्कैनर लगाने से जब मुख्य गेट से फोन या नशीला पदार्थ ले जाना मुश्किल हुआ तो बाहर मौजूद कैदियों के साथी जेल के बाहर से पैकेट बनाकर इन सामानों को जेल परिसर के भीतर फेंक रहे हैं। इस पर रोकथाम के लिए जेल अधिकारियों ने सड़क से सटे परिसर के पास जाल लगवाया। इससे सामान की बरामदगी भी हुई। अब जाल काटने के लिए पहले तेजाब फेंका जाता है। फिर, मोबाइल या नशीला पदार्थ कैदी तक पहुंचता है। सामान फेंकने के समय की जानकारी पेशी के दौरान कैदियों को पहले से दी रखी होती है।
जेल कर्मियों की मिलीभगत भी संभव
दिल्ली के तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेलों में 7490 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद जेल में फोन, नशीला पदार्थ और हथियार का मिलना काफी चौंकाने वाली बात है। आशंका जाहिर की जा रही है कि इसमें जेल कर्मियों की मिलीभगत भी संभव है। इसके साथ ही कैदी तय समय पर अपने साथियों के लिए जेल की दीवार से लगे सड़क के पास से फोन व अन्य सामान का पैकेट बनाकर उसे जेल परिसर में फेंक देते हैं। सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को सामान नहीं दिखता है। तिहाड़ जेल के पूर्व प्रवक्ता सुनील गुप्ता का कहना है कि मंडोली जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर के प्रकरण ने यह साबित कर दिया कि पैसे की बदौलत उसने जेल कर्मी से मोबाइल फोन मंगवाकर उसका इस्तेमाल कर रहा था।
जेल प्रशासन चलाता है अभियान
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल पर रोक लगाने के लिए जेल प्रशासन अभियान भी चलता है। इस साल अभी तक के अभियान में जेल के अंदर से 700 से अधिक मोबाइल फोन मिले हैं। इसमें से ज्यादातर फोन कीपैड वाले हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल पर रोक लगाने के लिए जेल प्रशासन अभियान भी चलता है। इस साल अभी तक के अभियान में जेल के अंदर से 700 से अधिक मोबाइल फोन मिले हैं। इसमें से ज्यादातर फोन कीपैड वाले हैं।
अमर उजाला
