मुम्बई, एएनआई। अजित पवार के एकनाथ शिंदे की महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के बाद जितेंद्र सतीश आव्हाड को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।
विधानसभा स्पीकर को सौंपा नियुक्ति पत्र
राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने आव्हाड को महाराष्ट्र विधानसभा में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का नया विपक्ष नेता और नया मुख्य सचेतक भी नामित किया। अजित पवार के पद छोड़ने और कुछ अन्य राकांपा नेताओं के साथ महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के कुछ घंटों बाद, आव्हाड महाराष्ट्र अध्यक्ष के कार्यालय पहुंचे और विधानसभा स्पीकर को अपना नियुक्ति पत्र सौंपा।
आगामी चुनावों में दिखेगा उथल-पुथल का असर
अजित पवार, महाराष्ट्र में शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना-भाजपा गठबंधन में शामिल हो गए और वर्तमान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। अगले साल होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में राज्य की राजनीतिक उथल-पुथल का असर देखने को मिल सकता है। यह एक आश्चर्यजनक और बड़ा राजनीतिक कदम था, जिसका राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव पड़ सकता है।
अभी तय नहीं एलओपी पद के नेता का नाम
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता का नाम फिलहाल तय नहीं किया गया है, लेकिन जल्द कर लिया जाएगा। इसके बाद से कांग्रेस और राकांपा में विपक्ष का नेता नियुक्त करने की होड़ लग गई है।
कांग्रेस और एनसीपी में लगी होड़
अतुल लोंढे ने कहा, “पूरी तस्वीर अभी तक स्पष्ट नहीं है। एलओपी एनसीपी से क्यों था? क्योंकि उनके पास अधिक विधायक थे, लेकिन अब, कांग्रेस के पास 45 विधायक हैं और जैसा कि अजित पवार ने दावा किया है कि उनके साथ 40 विधायक हैं, तो एनसीपी के पास ही 13 विधायक ही बचे होंगे। दो से तीन दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी कि किसे एलओपी बनाया जाएगा।
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा, “हमें (कांग्रेस) कुछ भी दावा करने की जरूरत नहीं है, यह तय फॉर्मूला है और मुझे नहीं लगता कि किसी को इस पर कोई आपत्ति है।”
पार्टी को फिर से करेंगे मजबूत
अपने भतीजे और पार्टी के आठ अन्य नेताओं के बगावत कर शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि जो कुछ हुआ उसे लेकर वह चिंतित नहीं हैं और पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
शरद पवार ने पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के खिलाफ भी कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। शरद पवार ने कहा कि जो लोग शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हुए, उनमें से कुछ ईडी मामलों का सामना कर रहे हैं।
