मुंबई, पीटीआई। अजित पवार के नेतृत्व में राकांपा विधायकों के एक समूह के महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने से उपजीं शिवसेना विधायकों-सांसदों की चिंताओं को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार शाम दूर किया। शिंदे ने उनसे कहा कि इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं है।
शिंदे की अध्यक्षता में हुई शिवसेना विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों की बैठक में राज्य के तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की गई।
तो इन मुद्दों पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ में हुई इस बैठक के बारे में पार्टी के एक सांसद ने बताया,
“बैठक में संसद के साथ-साथ विधानमंडल के मानसून सत्र और पार्टी के संगठन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।”
एक अन्य सांसद ने कहा कि शिंदे से पूछा गया कि क्या वह राकांपा में अचानक हुए घटनाक्रमों से परिचित हैं तो उन्होंने इसका सकारात्मक जवाब दिया। सांसद ने कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि शिवसेना के सांसदों-विधायकों को पहले से उनकी जानकारी नहीं दी सकी।
क्या कुछ बोले एकनाथ शिंदे?
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अजित पवार गुट के सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ जुड़ने से पार्टी के सांसदों-विधायकों को मदद मिलेगी। एक शिवसेना एमएलसी ने कहा,
“मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि भाजपा और शिवसेना एक वर्ष से सरकार में हैं और राकांपा (अजित पवार गुट) के सरकार में शामिल होने से इसके कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
उल्लेखनीय है कि अजित पवार गुट के कैबिनेट में शामिल होने से मंत्रियों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है और कैबिनेट में 14 पद अभी रिक्त हैं।
