प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम पांच स्तरीय अभेद सुरक्षा घेरे में काशी आएंगे। 20 आईपीएस के नेतृत्व में 3500 से ज्यादा पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल, उनकी आवाजाही से संबंधित रूट और बीएलडब्ल्यू स्थित उनके रात्रिकालीन विश्राम स्थल के इर्द-गिर्द तैनात रहेंगे। प्रधानमंत्री की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में एसपीजी के नेतृत्व में एनएसजी और आतंकवाद निरोधक दस्ते के कमांडो के साथ ही केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अधिकारी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले में हाई अलर्ट घोषित है। बाबतपुर एयरपोर्ट से वाजिदपुर होते हुए शहर तक चप्पे-चप्पे पर चौकसी बरती जा रही है।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले गुरुवार को उनकी डमी फ्लीट और सेना के हेलिकॉप्टर का टच एंड गो का रिहर्सल किया गया। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए जवानों को पुलिस लाइन में पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने उनकी ड्यूटी बताई। कहा कि आप सभी का पूरा ध्यान वीवीआईपी के बजाय आमजन की गतिविधियों पर रहे। स्थानीय अभिसूचना इकाई के कर्मचारी भीड़ के बीच माहौल की टोह लेते रहें। कोई भी वीवीआईपी की ओर कुछ भी फेंकने न पाए। कहीं भी कोई संदिग्ध सामग्री मिले तो उस स्थान को तत्काल खाली करा कर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड से चेकिंग कराई जाए। ड्यूटी प्वाइंट छोड़कर कोई भी सुरक्षाकर्मी तब तक नहीं जाएगा, जब तक वीवीआईपी उस स्थान से चले न जाएं और यातायात व्यवस्था सामान्य न हो जाए। ड्यूटी प्वाइंट से गायब मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था की आड़ में आमजन के साथ दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सभी जवान अतिरिक्त सतर्कता के साथ अच्छे आचरण का परिचय देते हुए ड्यूटी करें।
अमर उजाला
