चंडीगढ़, 14 अगस्त । दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर जालंधर के निकट फ्लाईओवर के लिए बनाए जा रहे करीब 80 फीट गहरे बोरवेल में गिरे इंजीनियर को अभी तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। एनडीआरएफ की टीमों द्वारा पिछले 40 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
बोरवेल में फंसे इंजीनियर के परिजन हरियाणा के जींद से जालंधर पहुंच चुके हैं। जींद निवासी सुरेश शनिवार की रात से बोरवेल में फंसा हुआ है। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस वे पर जालंधर के निकट फ्लाईओवर के लिए बोरवेल तैयार किए जा रहे हैं। यहां मशीन खराब होने के बाद मशीन ठीक करने के लिए इंजीनियर पवन और सुरेश को दिल्ली से बुलाया गया था।
शनिवार की रात सुरेश अपने सहयोगी के साथ मशीन ठीक करने के लिए बोरवेल में उतरा था। वह अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर भी लेकर गया था, जब वह ऊपर आने लगा तो मिट्टी उस पर आकर गिरी। इसके बाद साइट पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके बाद दोबारा 40 फीट से ज्यादा मिट्टी बोरवेल में जा गिरी। जिससे सुरेश वहीं पर फंस गया। घटना के बाद से एनडीआरएफ की टीमों द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच बचाव दल दो बार सुरेश के निकट पहुंचा लेकिन मिट्टी गिरने के कारण उसे बाहर नहीं निकाला जा सका। जिस जगह पर यह घटना हुई है वहां आसपास दलदल होने के कारण जमीन नीचे से नरम पड़ चुकी है।
इस बीच सुरेश के छोटे भाई सत्यवान ने बताया कि उन्हें रविवार को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद वे तुरंत जालंधर पहुंच गए। कंपनी अपनी और से लगातार सुरेश को बचाने में लगी हुई है। सत्यवान ने बताया कि प्रशासन सुरेश को टेक्निकल एक्सपर्ट बता रही है, जबकि वह गांव में किसानी करता था। वह जालंधर में काम करने के लिए आया था।
