उत्तरप्रदेश :- यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन में श्रीबांके बिहारी मंदिर के पास एक जर्जर मकान के गिरने से उसके मलबे के नीचे दबकर पांच श्रद्धालुओं की मौत ने प्रदेश स्तर तक हड़कंप मचा दिया। प्रमुख सचिव उप्र और डीजीपी उप्र के जरिये सीएम योगी आदित्यनाथ इस हादसे की पल-पल की अपडेट ले रहे हैं।
इस हादसे के कारणों को लेकर वहां के स्थानीय लोगों से बातचीत की गई। इस बातचीत में किसी ने जर्जर मकान ढहने के पीछे बारिश तो किसी ने बंदरों के उत्पात को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि इन दोनों ही कारणों के पीछे सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन पर भी अनदेखी को लेकर कटाक्ष किया।
स्नेह बिहारी मंदिर के पास पहने वाले नूतन बिहारी ने बताया कि बारिश को पुलिस-प्रशासन मकान के ढहने का कारण बता रहा है। मगर, ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि बारिश से अगर मकान कमजोर होने की स्थिति में गिरा तो उसका ऊपरी हिस्सा ही क्यों गिरा, बारिश ने तो पहले नींव को कमजोर किया होगा, ऐसी स्थिति में मकान तो पूरा ढहना चाहिए था।
उन्होंने छज्जे और छत की बाउंड्रीवाल ढहने के पीछे वृंदावन में बंदरों के उत्पात को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, पंकज मोरवाल ने भी उनकी बातों पर सहमति जताई। पंकज ने कहा कि हादसे के पीछे चाहे बारिश वजह रही या फिर बंदर, इन दोनों ही कारणों के पीछे सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार है।
यमुना में आई बाढ़ के बाद स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया और मांग रखी कि उनके घरों का सर्वे कराया जाए, जो भी जर्जर हैं, उनको कागजों में घोषित करते हुए गिरवाया जाए।
वहीं, रहा सवाल बंदरों का तो वृंदावन में बंदरों के आतंक से हर कोई वाकिफ है। नगर निगम से लेकर वन विभाग तक बंदरों को नहीं पकड़ता है। बंदर यहां आए दिन श्रद्धालुओं का कीमती सामान ले भागते हैं। प्रशासन कब तक आंख बंद करके रखेगा।
वृंदावनः श्रीबांके बिहारी के दर्शन के 10 मिनट बाद ही मौत ने मार पांच श्रद्धालुओं पर झपट्टा
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार सभी लोग श्रीबांके बिहारी के दर्शन के कर मंदिर से महज 10 मिनट पहले ही बाहर निकले थे और दुसायत मोहल्ले के निकासी मार्ग से वापस लौट रहे थे। वहीं, पांच अन्य घायल हैं, इनकी भी हालत गंभीर है।
श्रीबांके बिहारी मंदिर से महज 200 मीटर दूर निकासी मार्ग पर स्थित विष्णु बाग वाला का मकान दशकों पुराना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों आई बाढ़-बारिश के बाद मकान और भी खतरनाक स्थिति में आ गया। मंगलवार शाम को 5.45 बजे इसका छज्जा और छत की बाउंड्रीवाल भरभराकर गिर गई।
नीचे से गुजर रहीं श्रद्धालु 50 वर्षीय गीता कश्यप पत्नी एसएन कश्यप निवासी जरौली फेस-2, कानपुर, अरविंद कुमार यादव (35) पुत्र बम्बुराहिया कालोनी, कानपुर नगर, रश्मि गुप्ता (40) पत्नी जितेंद्र गुप्ता जरौली फेस-2, कानपुर नगर, अंजू मुगई (50) पत्नी संदीप निवासी कृष्णा अपार्टमेंट, ओमेक्स, वृंदावन, चंदन राय (30) पुत्र हरेंद्र राय निवासी भगवानपुर, देवरिया की मकान के मलबे के नीचे दब गईं, इनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इनके अलावा 14 वर्षीय खुशीपाल पुत्र मनोज निवासी फरिया, फिरोजाबाद, 30 वर्षीय अनामिका पत्नी राहुल निवासी जरौली फेस-2, कानपुर, अकांक्षा मुगई (25) पुत्री संदीप निवासी कृष्णा अपार्टमेंट, ओमेक्स, वृंदावन, पंकज मारवा (49) पुत्र नरेंद्र कुमार मारवा निवासी अशोका एन्क्लेव, फरीदाबाद गंभीर रूप से घायल हो गए।
बेटियों के सामने दो माताओं की मौत
वृंदावन में हुए हादसे में चार घायल हैं। दो घायल वृंदावन के सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती हैं। एक मथुरा के सिटी अस्पताल में हैं और एक आगरा रेफर कर दिया है। हादसे में सबसे दर्दनाक बात यह रही कि इसमें दो बेटियों के सामने उनकी माताओं की मौत हो गई। दोनों बेटियां भी उपचाराधीन हैं।
वृंदावन के सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कानपुर नगर के फेस-2 निवासी शिव नारायण कश्यप ने बताया कि हादसे में उनकी पत्नी गीता कश्यप की मौत हो गई है। पत्नी गीता और बेटी अनामिका, रश्मि गुप्ता के साथ श्रीबांके बिहारी के दर्शन को 5.15 बजे करीब गईं थीं। जबकि वह खुद धर्मशाला में ही रुका हुआ था।
दर्शन कर पत्नी, बेटी और रश्मि गुप्ता 5.45 बजे करीब लौट रहीं थीं। तभी यह हादसा हो गया। उनको बेटी द्वारा फोन कर हादसे की जानकारी दी गई। वह तत्काल सौ शैय्या अस्पताल पहुंचे। वहां पत्नी मृत पड़ी थी। इधर, बेटी घायल हालत में थी। उसे देख उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने उनको भी भर्ती कर ड्रीप लगाई।
शिव नारायण बताते हैं कि उन्होंने हादसे के संबंध में बेटी अनामिका से बात की। उसने बताया कि वह दर्शन करने के बाद सीधे धर्मशाला आ रहीं थीं। मंदिर के आसपास के नजारों को देख खुश हो रहे थे। माहौल पूरा भक्तिमय था। मगर, इसी बीच अचानक से सिर पर ईंट-पत्थर आकर गिर गए। उनमें मां गीता और रश्मि आंटी दब गईं।
उसके भी सिर पर एक पत्थर लगा, जिससे वह बदहवास हो गई। इधर, घायल अकांक्षा मुगई (25) पुत्री संदीप निवासी कृष्णा अपार्टमेंट, ओमेक्स, वृंदावन को सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आकांक्षा की मां अंजू मुगई की इस हादसे में जान चली गई है। आकांक्षा ने बताया कि वह मूलरूप से पंजाब की रहने वाली हैं।
अपनी मां के साथ ओमेक्स स्थित अपार्टमेंट में रहती थी। आकांक्षा बताती हैं कि उनके सिर पर अचानक ने मलबा गिरा। इससे पहले ही कुछ समझ पातीं, मां मलबे में दब चुकी थीं। वह खुद भी इतनी घायल हो गईं कि धीरे-धीरे दो मिनट में ही बेहोश हो गईं। इधर, घायल पंकज मारवा (49) पुत्र नरेंद्र कुमार मारवा निवासी अशोका इंक्लेव, फरीदाबाद का पैर टूट गया है
