मुंबई: शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने अजित पवार की तुलना कठफोड़वा पक्षी से करते हुए कहा है कि अजित पवार की नजर सीएम की कुर्सी पर है और वह सीएम की कुर्सी में छेद करेंगे ही। यह बात राउत ने शिवसेना उद्धव गुट के मुखपत्र में छपे अपने साप्ताहिक स्तंभ में लिखी है। राउत ने लिखा है, ‘उप मुख्यमंत्री एवं बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस इस पक्षी को शक्ति देने का काम करेंगे। अजित पवार मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं और फडणवीस का समर्थन करने वाले बीजेपी विधायकों को लगता है कि शिंदे अब बोझ बन गए हैं तथा उनके कारण बीजेपी को काफी नुकसान हो रहा है। शिंदे का यह दावा कि उनसे 2024 के बाद भी मुख्यमंत्री बने रहने का वादा किया गया है, यह सही नहीं है क्योंकि ऐसा होता तो अजित पवार को शामिल नहीं किया जाता।’
राउत ने लिखा है कि अगर अजित पवार अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाएं और चुनाव लड़ें तो वह सच में बड़े नेता बन सकते हैं। अगर अजित पवार बीजेपी की मदद से वैसा ही करते हैं जैसा कि एकनाथ शिंदे ने किया, तो उनकी राजनीति रेत के महल की तरह ढह जाएगी।
‘चाचा शरद के दम पर अजित को मिला मुकाम’
अजित पवार ने अपने चाचा के दम पर राजनीति में मुकाम हासिल किया और अब उनका ही राजनीतिक करियर खत्म करने का काम कर रहे हैं। राउत ने लिखा है कि शरद पवार ने अजित पवार से मुलाकात के बाद बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, क्योंकि शरद पवार को लगता है कि मोदी का समर्थन करना दमनकारी ताकतों का समर्थन करने की तरह है और जो उनकी पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उनका राजनीतिक करियर भविष्य में खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा। राउत के मुताबिक, शरद पवार बीजेपी के पाले में जाने की गलती नहीं करेंगे, क्योंकि यह कोई व्यक्ति विशेष का मामला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र बनाम तानाशाही का मामला है।
‘अजित पवार को इस्तीफा देना चाहिए’
राउत ने अपने स्तंभ में यह भी लिखा है कि शरद पवार ने अपनी कई संस्थाओं में अजित पवार को शामिल किया था, अब अजित पवार को इन संस्थाओं से इस्तीफा देकर बाहर आ जाना चाहिए। हालांकि इस बात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शरद पवार की बेटी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि अजित पवार के साथ हमारे मतभेद हैं, पर मनभेद नहीं हैं। वहीं, अजित पवार के साथ एनसीपी तोड़कर बीजेपी-शिंदे सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले धनंजय मुंडे ने कहा कि अजित पवार से इस्तीफा मांगने वाले संजय राउत पवार परिवार का हिस्सा हैं क्या? इस बारे में शरद पवार और अजित पवार ही फैसला लेंगे।
