मुंबईः शिवसेना (शिंदे गुट) ने गुरुवार को कहा कि मुंबई में आइएनडीआइए की बैठक का आयोजन कर रहे उद्धव ठाकरे शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे के विचारों को पैरों तले रौंद रहे हैं। गठबंधन की मुंबई में शुरू हुई तीसरी बैठक के मेजबान इस बार उद्धव ही हैं।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री एवं शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि उद्धव बालासाहब ठाकरे के विचारों को भूल चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुंबई आ रहे आइएनडीआइए के घटक दल बालासाहब के स्मृतिस्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
बालासाहब कहा करते थे कि मैं अपने दल का विसर्जन कर दूंगा, लेकिन कांग्रेस के साथ नहीं जाऊंगा। वह कहते थे कि मुझे एक दिन के लिए प्रधानमंत्री बना दो, मैं जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 समाप्त कर दूंगा। आज उद्धव में अनुच्छेद-370 पर चर्चा करने की हिम्मत है क्या? केसरकर ने याद दिलाया कि बालासाहब ने फारूक अब्दुल्ला पर आलोचनात्मक टिप्पणियां की थीं।
आज उद्धव उन्हीं फारूक के साथ बैठक कर रहे हैं। केसरकर ने सवाल किया है कि क्या बैठक में सावरकर का अपमान करने वालों से जवाब लिया जाएगा। केसरकर ने कहा कि विपक्षी गठबंधन में अभी तक प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर कोई स्पष्टता नहीं है। जिस दिन वे अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेंगे, विपक्षी एकता बिखर जाएगी। शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकर ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे कांग्रेस के अधीन हो गए हैं और उन लोगों के लिए कालीन बिछा रहे हैं जिन्होंने हिंदुत्व विरोधी रुख अपनाया हुआ है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के लिए सीटों का बंटवारा एक समस्या होगी, खासकर बंगाल जैसे राज्यों में जहां तृणमूल कांग्रेस और वामदल जैसे प्रतिद्वंद्वी एक साथ हैं। कीर्तिकर ने कहा कि जब कांग्रेस नेताओं ने वीडी सावरकर को माफीवीर कहा था तो उद्धव गुट के नेताओं ने कोई भी सवाल नहीं पूछा था, बल्कि आदित्य ठाकरे भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लिया था।
