मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज से वायरल हो रहा है। इसमें वह उपमुख्यमंत्रियों देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के साथ मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर सीधे तौर पर गैर गंभीर टिप्पणी करते सुने गए हैं। मराठा समुदाय को आरक्षण की मांग पर सोमवार को एक सर्वदलीय बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन शुरू होने से पहले के इस वीडियो में शिंदे अन्य दो नेताओं से यह सवाल करते हुए दिखाई देते हैं कि हमें बस बोलना है और निकल लेना है, है ना? वहीं अजित पवार इस पर जवाब देते हैं कि हां, बिल्कुल। फडणवीस शिंदे के कान में फुसफुसाते हुए और इस ओर इशारा करते हुए दिखायी देते हैं कि माइक्रोफोन चालू है। पवार भी यही संकेत देते नजर आते हैं।
अवैध सरकार की बेशर्मी
सरकार लोगों के मुद्दों के प्रति असंवेदनशील
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि आखिरकार, जो उनके दिल में है वह उनके होठों पर आ गया है। इससे पता चलता है कि सरकार लोगों के मुद्दों के प्रति असंवेदनशील है।
यह एक गद्दार की पहचान
शिंदे ने वायरल वीडियो को शरारत बताया
शिंदे ने आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बातचीत की गलत व्याख्या की गई है और इसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आरक्षण मुद्दे को कानूनी ढांचे के तहत हल किया जाए। सभी के विचार जानने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने वायरल वीडियो को शरारत करार दिया।
